कपड़ो की तरह सरकार बदल रहे Gen-Z, 7 दिन पुराने राष्ट्रपति से मांगा इस्तीफा, इस देश में भड़की हिंसा

Peru Gen-Z Protests News: पेरू में 20 सितंबर से शुरू हुआ युवाओं का आंदोलन अब भ्रष्टाचार और सरकारी नीतियों के खिलाफ हिंसक विरोध में बदल गया है, जिसमें राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग हो रही है।
कपड़ो की तरह सरकार बदल रहे Gen-Z, 7 दिन पुराने राष्ट्रपति से मांगा इस्तीफा, इस देश में भड़की हिंसा
पेरू में सरकार के खिलाफ हिंसा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Gen-Z Protest in Peru: नेपाल से शुरू हुआ जेन-जेड आंदोलन अब पूरी दुनिया में फैल चुका है। इसी क्रम में दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में युवा सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे हैं। भ्रष्टाचार और सरकारी नीतियों के खिलाफ हो रहे इन हिंसक प्रदर्शनों में शामिल प्रदर्शनकारियों ने नए राष्ट्रपति जोस जेरी से इस्तीफे की मांग की है, जिन्होंने एक हफ्ते पहले ही राष्ट्रपति पद की शपथ ली है।

जानकारी के मुताबिक, पेरू में सरकार विरोधी प्रदर्शन उस समय और भड़क गए जब गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान एक 32 वर्षीय रैपर और एक्टिविस्ट एडुआर्डो रूइज की गोली लगने से मौत हो गई। इस हिंसा में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए, जिनमें 80 पुलिसकर्मी और 10 पत्रकार भी शामिल हैं। इसके बाद से ही प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया है।

कैसे हुई प्रदर्शन की शुरुआत?

यह विरोध 20 सितंबर को शुरू हुआ था, जब युवाओं ने बेहतर पेंशन और वेतन की मांग की थी। लेकिन अब यह आंदोलन भ्रष्टाचार, अपराध और सरकार की नाकामी के खिलाफ गुस्से में तब्दील हो चुका है। 27 सितंबर को राजधानी लीमा में हजारों युवाओं ने पूर्व राष्ट्रपति दीना बोलुआर्ते के खिलाफ प्रदर्शन किया।

दीना की छवि पहले से ही खराब थी। 2022 में उनके शासन के दौरान विरोध प्रदर्शन को दबाने की कार्रवाई में 50 लोग मारे गए थे। इसके बाद संसद ने दीना को हटा दिया और 10 अक्टूबर को जोस जेरी राष्ट्रपति बने। जेरी पिछले 5 सालों में पेरू के 6वें राष्ट्रपति हैं। हालांकि, नई सरकार के आने के बावजूद युवाओं का गुस्सा कम नहीं हुआ है।

पेंशन सुधार क्यों विवाद में है?

सरकार ने नया नियम बनाया है कि 18 साल से ऊपर के हर व्यक्ति को किसी न किसी पेंशन कंपनी से जुड़ना होगा। इससे लोग नाराज हो गए, क्योंकि उन्हें लग रहा है कि यह एक अनावश्यक बोझ है।

सरकार की प्रतिक्रिया

देश में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों को लेकर राष्ट्रपति जेरी ने कहा कि उनका काम देश में शांति बनाए रखना है और उन्होंने संसद से विशेष अधिकार मांगे हैं ताकि अपराध पर काबू पाया जा सके। उन्होंने पूर्व न्यायाधीश एर्नेस्टो अल्वारेज को प्रधानमंत्री नियुक्त किया, जिन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लोकतंत्र पर हमला करने वाली गैंग कहा। खुद राष्ट्रपति जेरी पर दुष्कर्म का आरोप लग चुका है, हालांकि अगस्त में मामला बंद कर दिया गया था।

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