गाजा में खून और खंडहर देख भड़का ये मुस्लिम देश, KFC आउटलेट्स बने जनता के आक्रोश का शिकार

KFC Outlet in Pakistan: गाजा में इजरायल द्वारा किए गए हमलों के विरोध में पाकिस्तान में कई स्थानों पर अमेरिकी कंपनी केएफसी पर हमले हुए हैं। मुस्लिम संगठनों ने लोगों से इजरायली उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की है।
गाजा में खून और खंडहर देख भड़का ये मुस्लिम देश, KFC आउटलेट्स बने जनता के आक्रोश का शिकार
पाकिस्तान में गुस्से का शिकार बना KFC आउटलेट्स, फोटो (सो, सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

नवभारत इंटरनेशनल डेस्क: पाकिस्तान में अमेरिका विरोधी भावनाओं और गाज़ा में इज़राइल द्वारा किए जा रहे हमलों के चलते अमेरिकी फास्ट-फूड चेन केएफसी के आउटलेट्स पर हमले हुए हैं। इन घटनाओं के सिलसिले में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, कराची, लाहौर और इस्लामाबाद सहित देश के 11 स्थानों पर भीड़ ने केएफसी के आउटलेट्स को निशाना बनाया। लाठी-डंडों और हथियारों से लैस लोगों ने इन आउटलेट्स में तोड़फोड़ की और उन्हें भारी नुकसान पहुँचाया। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक 178 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लाहौर में इसी सप्ताह अज्ञात हमलावरों ने एक केएफसी कर्मचारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के वक्त वहाँ कोई प्रदर्शन नहीं चल रहा था। फिलहाल जांच की जा रही है कि यह हत्या किसी राजनीतिक वजह से हुई थी या इसके पीछे कोई और कारण था।

पांच हमलों को समय रहते पुलिस ने किया नाकाम

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लाहौर शहर में कुल 27 KFC आउटलेट हैं, जिन्हें सुरक्षा प्रदान की जा रही है। अब तक लाहौर में केएफसी पर दो बार हमले हो चुके हैं, जबकि पांच हमलों को समय रहते पुलिस ने नाकाम कर दिया। लाहौर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी, फैसल कामरान ने बताया कि इन घटनाओं की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इन हमलों के पीछे कोई संगठित समूह है या ये व्यक्तिगत रूप से अंजाम दिए गए हैं। विदेश से जुड़ी अन्य सभी ख़बरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

मामले में अब तक 11 लोग गिरफ्तार

इस मामले में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) का एक सदस्य भी शामिल है। फैसल कामरान ने यह भी स्पष्ट किया कि केएफसी के खिलाफ जो प्रदर्शन हुए, वे टीएलपी द्वारा आयोजित नहीं किए गए थे।

TLP के प्रवक्ता रेहान मोहसिन खान ने बताया कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय से इज़रायली उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील की है, लेकिन संगठन ने कोई औपचारिक विरोध प्रदर्शन नहीं किया है। इन विरोध प्रदर्शनों के चलते पाकिस्तान में स्थानीय कोला ब्रांडों को तेजी से लोकप्रियता मिली है, क्योंकि लोग अब अमेरिकी कंपनियों के उत्पादों से दूरी बना रहे हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com