Heatwave से बेहाल फ्रांस! मौतों का आंकड़ा बढ़ा, अंतिम संस्कार के लिए श्मशान में करना पड़ रहा इंतजार
France Heatwave Crisis: फ्रांस में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने भीषण तबाही मचाई है, जिसमें 1,000 से अधिक लोगों की जान चली गई है। पेरिस के शवगृह और श्मशान पूरी तरह भर चुके हैं, जिससे संकट गहरा गया है।
- Written By: अमन उपाध्याय
Heatwave से बेहाल फ्रांस, AI डिजाइन फोटो
France Heatwave Crisis Latest News In Hindi: यूरोप इस समय एक विनाशकारी Heatwave की चपेट में है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से फ्रांस में स्थिति बेहद भयावह हो चुकी है। रिकॉर्ड तोड़ तापमान और भीषण तपिश के कारण देश में अब तक 1,000 से अधिक लोगों की मौत दर्ज की गई है। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों में सबसे बड़ी संख्या बुजुर्गों की है, जो इस अत्यधिक गर्मी को सहन नहीं कर पा रहे हैं।
श्मशान में करना पड़ रहा है इंतजार
फ्रांस की राजधानी पेरिस सहित देश के बड़े शहरों में स्थिति इतनी गंभीर है कि शवगृह और अंतिम संस्कार गृह पूरी तरह भर चुके हैं। नेशनल फ्यूनरल फेडरेशन के अनुसार, सामान्य गर्मियों में इन केंद्रों में 30 से 45 प्रतिशत जगह भरी रहती थी, लेकिन अब यह आंकड़ा 66 प्रतिशत को पार कर गया है। पेरिस के मुख्य शवगृह पिछले शुक्रवार से ही पूरी तरह पैक हैं, जिसके कारण अब वहां नए शवों को रखने की जगह नहीं बची है।
इस संकट के कारण शोक संतप्त परिजनों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई शहरों में ‘वेटिंग टाइम’ इतना बढ़ गया है कि परिजनों को शवों के अंतिम संस्कार के लिए पेरिस से बाहर या दूरदराज के इलाकों में जाना पड़ रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो यह एक ‘डोमिनो इफेक्ट’ पैदा कर सकता है, जिससे पूरे देश की अंत्येष्टि व्यवस्था चरमरा जाएगी।
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बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा मार
स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भीषण गर्मी से होने वाली कुल मौतों में से 85 प्रतिशत लोग 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के थे। बिगड़ते हालातों को देखते हुए फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक की, जिसमें हीटवेव के असर और सुरक्षा उपायों पर चर्चा की गई।
गर्मी के कारण कई स्कूलों और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को भी अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला लिया गया है ताकि लोगों को लू की चपेट में आने से बचाया जा सके।
आखिर क्यों बढ़ी इतनी गर्मी?
वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप में इस तरह की असामान्य और जानलेवा गर्मी का सीधा संबंध जलवायु परिवर्तन से है। यूरोप दुनिया के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक तेजी से गर्म हो रहा है।
कब्रिस्तान के कर्मचारियों के लिए भी यह समय बड़ी चुनौती बन गया है, क्योंकि उन्हें लगातार बढ़ रहे शवों के लिए तेजी से कब्रें खोदनी पड़ रही हैं और शवदाह गृहों के स्लॉट बहुत जल्दी भर रहे हैं।
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फ्रांस प्रशासन ने नागरिकों को घरों के अंदर रहने, खिड़कियां बंद रखने और खुद को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी है, लेकिन मौत के आंकड़ों ने पूरे यूरोप को चिंता में डाल दिया है।
