फेल होगा ट्रंप का पीस प्लान! फ्रांस ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए इनकार, कहा-गाजा से बढ़कर है UN

France-US Tensions: फ्रांस ने स्पष्ट किया कि वह ट्रंप के गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल नहीं होगा। यह योजना गाजा से आगे अंतरराष्ट्रीय कानून और शासन पर सवाल उठाती है।
France Not Join Trumps Gaza Board of Peace
फ्रांस ने बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के लिए इनकार (सोर्स- सोशल मीडिया)
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France Not Join Trumps Gaza Board of Peace: फ्रांस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का कोई इरादा नहीं रखता। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस का कहना है कि इस संस्था का दायरा युद्ध-पीड़ित गाजा पट्टी से कहीं बढ़कर है और इसके कानूनी तथा प्रशासनिक ढांचे को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के करीबी सूत्रों ने बताया कि फ्रांस बोर्ड में शामिल होने के न्योते का सकारात्मक जवाब देने का इरादा नहीं रखता।

इस बोर्ड को मूल रूप से गाजा के युद्ध-प्रभावित क्षेत्रों में गवर्नेंस और पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन इसके चार्टर में ऐसा संकेत नहीं मिलता कि इसकी शक्ति और जिम्मेदारी केवल गाजा तक सीमित है। सूत्रों का कहना है कि चार्टर गाजा के फ्रेमवर्क से बहुत आगे जाता है और यह विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय ढांचे के सम्मान के मुद्दों पर सवाल खड़ा करता है।

क्या है ट्रंंप का गाजा बोर्ड ऑफ पीस?

डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा के प्रशासन के लिए नेशनल कमेटी (NCAG) बनाने की घोषणा की थी। इसे गाजा संघर्ष को समाप्त करने की अपनी व्यापक योजना के दूसरे चरण के रूप में पेश किया गया, जो 20 बिंदुओं का रोडमैप है। इस योजना का उद्देश्य गाजा में स्थायी शांति, पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास सुनिश्चित करना है।

फ्रांस, जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य है, ने बार-बार कहा है कि अंतरराष्ट्रीय तंत्र की अनदेखी नहीं की जा सकती। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को संयुक्त राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और इसे ‘प्रभावी बहुपक्षवाद की आधारशिला’ बताया। मंत्रालय ने कहा कि यही वह मंच है जहां अंतरराष्ट्रीय कानून, राज्यों की समानता और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाता है, और यह मनमानी, सत्ता की राजनीति और युद्ध के दबावों से ऊपर है।

और बढ़ सकता है तनाव

फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ बोर्ड के प्रस्तावित कानूनी ढांचे की समीक्षा कर रहा है और इस बात पर चिंता व्यक्त की कि यह प्रोजेक्ट केवल गाजा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके प्रभाव को व्यापक क्षेत्र तक फैलाने की संभावना है। फ्रांस का यह कदम यूक्रेन और ग्रीनलैंड को लेकर पहले से नाराज चल रहे अमेरिकी राष्ट्रपति को और नाराज कर सकता है।

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