ईरान जंग के बीच फ्रांस का बड़ा फैसला (Image- Social Media)
France to Increase Size of Nuclear Arsenal: मध्य-पूर्व में जारी युद्ध और वैश्विक सुरक्षा चिंताओं के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को घोषणा की कि फ्रांस अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाएगा। यह पिछले कई दशकों में पहली बार होगा जब फ्रांस अपने परमाणु जखीरे में वृद्धि करेगा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि संख्या कितनी बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में फ्रांस के पास 300 से कम परमाणु वारहेड्स माने जाते हैं।
मैक्रों ने उत्तर-पश्चिमी फ्रांस स्थित Île Longue सैन्य अड्डे से यह घोषणा की, जो फ्रांस की बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने शस्त्रागार में युद्धक हथियारों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।”
मैक्रों का यह भाषण ऐसे समय आया है जब यूरोप में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं उभर रही हैं, खासकर अमेरिका के साथ बदलते समीकरणों के बीच। उन्होंने संकेत दिया कि वैश्विक हालात तेजी से बदल रहे हैं और यूरोप को अपनी सुरक्षा संरचना को अधिक मजबूत बनाना होगा।
फ्रांस ने यह भी संकेत दिया कि वह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम विमानों को सहयोगी देशों में अस्थायी रूप से तैनात कर सकता है। साथ ही, फ्रांस अब जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम के साथ मिलकर लंबी दूरी की मिसाइल परियोजनाओं पर काम करेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया के कई हिस्सों में संघर्ष और सैन्य तनाव बढ़ रहे हैं। जहां एक ओर इसे यूरोप की सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में कदम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह वैश्विक हथियार होड़ को लेकर नई चिंताएं भी पैदा कर सकता है।
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फ्रांस का यह निर्णय केवल सैन्य रणनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलती वैश्विक राजनीति का भी संकेत देता है, जहां यूरोप अपनी सुरक्षा के लिए अधिक आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ता दिख रहा है।