

Famous Pakistani TikToker Shamso Bibi Murder: पाकिस्तान के ऐतिहासिक तक्षशिला शहर में स्वतंत्रता दिवस यानी 14 अगस्त को एक बेहद कड़ा और भयानक हादसा हुआ, जिसने सबको दहला दिया। यहां की लोकप्रिय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शम्सो बीबी, जो इंटरनेट पर आयशा गिलामाना के नाम से जानी जाती थीं, की दिनदहाड़े गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई।
वे जब अपनी कार से अपनी बहन और भाई के साथ जा रही थीं, तभी दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। एक कड़वी गोली उनकी गर्दन में लगी, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस अचानक हुए हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
शम्सो बीबी केवल 28 साल की थीं और उनके टिकटॉक अकाउंट पर 1.3 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स थे, जो उनके वीडियो को काफी पसंद करते थे। वे अपने गांव के साधारण जीवन, खेतों के सीन, मवेशियों की देखभाल और चूल्हे पर ठेठ देहाती भाषा में खाना बनाने वाले वीडियो पोस्ट करती थीं।
उनका यह सादगी भरा ठेठ देहाती अंदाज और कड़क बोलचाल की शैली ही दर्शकों को उनके बेहद करीब खींच लाती थी। उनके राजस्थानी और हरियाणवी अंदाज के वीडियो भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में काफी लोकप्रिय थे, जिससे उनकी देश-दुनिया में एक कड़ी और विशेष पहचान बनी हुई थी।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, यह भयानक हत्याकांड पैसों के आपसी लेनदेन को लेकर उपजे एक कड़े विवाद के कारण अंजाम दिया गया। शम्सो बीबी के पिता फजल साहबजादा ने अपनी पुलिस शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी बेटी को कुछ लोगों से अपने पैसे वापस मांगने पर लगातार धमकियां मिल रही थीं।
हत्या के दिन काशिफ नाम के एक शख्स ने फोन करके शम्सो को घर से बाहर बुलाया था। जैसे ही वह अपनी कार से निकली, घात लगाए बैठे दो बाइक सवार हमलावरों ने उसकी कार रोकी और बेहद करीब से पिस्तौल से गोलियां दाग दीं, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस कड़े मामले में स्थानीय पंजाब पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अब तक चार संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों में वे दो संदिग्ध भी शामिल हैं जिन्होंने मुख्य शूटर को वारदात के बाद मौके से भागने में कड़ी कूटनीतिक मदद दी थी।
शम्सो बीबी के भाई नियामतुल्ला ने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ से इस कड़े मामले में दखल देने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। इस भयानक हादसे से दुखी होकर और आगे किसी विवाद से बचने के लिए पीड़ित परिवार ने उनका टिकटॉक अकाउंट हमेशा के लिए डिलीट कर दिया है।