ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत पर भड़का EU, ईरानी राजनयिकों की संसद में एंट्री पर लगाया बैन

Iran Protests: यूरोपीय संसद ने ईरान में दमन के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए ईरानी राजनयिकों और शासन से जुड़े प्रतिनिधियों के संसद परिसरों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया।
European Parliament Ban Iran Diplomats
यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रॉबर्टा मेट्सोला (सोर्स- सोशल मीडिया)
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European Parliament Ban Iran Diplomats: ईरान में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शनों और उन पर सरकारी दमन के बीच यूरोपीय संसद ने सख्त रुख अपनाया है। संसद की अध्यक्ष रॉबर्टा मेट्सोला ने सोमवार को सांसदों को लिखे एक पत्र में घोषणा की कि अब ईरानी राजनयिकों, सरकारी अधिकारियों और इस्लामी गणराज्य से जुड़े किसी भी प्रतिनिधि को यूरोपीय संसद के परिसरों में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

यह प्रतिबंध ब्रुसेल्स और स्ट्रासबर्ग में स्थित यूरोपीय संसद भवनों के साथ-साथ लक्जमबर्ग में मौजूद संसद सचिवालय पर भी लागू होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद परिसर में प्रवेश के दौरान ईरानी पासपोर्ट धारकों की सख्त जांच की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति ईरानी शासन या उसके संस्थानों से जुड़ा पाया जाता है, तो उसे तत्काल प्रवेश से रोका जाएगा।

प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उठाया कदम

अपने पत्र में रॉबर्टा मेट्सोला ने कहा कि ईरान के लोग यूरोपीय संसद पर भरोसा कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कदम उन साहसी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उठाया गया है जो अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर आजादी, गरिमा और मौलिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। उन्होंने इसे यूरोपीय संसद की एकजुटता और प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। मेट्सोला ने संकेत दिया कि यूरोपीय संघ जल्द ही ईरान के खिलाफ और कड़े प्रतिबंधों पर विचार कर सकता है। उन्होंने इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकवादी संगठन घोषित करने का सुझाव दिया। साथ ही, दमन, हिंसा, फांसी और मानवाधिकार उल्लंघनों में शामिल व्यक्तियों पर व्यक्तिगत प्रतिबंध लगाने की भी बात कही।

ईरान में हालात और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

दिसंबर के अंत से शुरू हुए ईरान में विरोध प्रदर्शनों ने पूरे देश को झकझोर दिया है। प्रदर्शनकारी ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के शासन के अंत की मांग कर रहे हैं। इसके जवाब में सरकार ने इंटरनेट बंदी, हिंसा, हत्याओं और मनमानी गिरफ्तारियों का सहारा लिया है। इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा पर ईरान को सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

मानवाधिकार संगठनों के अनुसार अब तक 600 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10,000 से ज्यादा गिरफ्तार किए जा चुके हैं। यूरोपीय संसद का यह कदम ईरान को स्पष्ट संदेश देता है कि लोकतंत्र और मानवाधिकारों के मुद्दे पर उसकी प्रतिबद्धता सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं है। 

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