फ्रांस में इबोला ने दी दस्तक, कांगो से लौटे डॉक्टर में मिला संक्रमण; WHO ने घोषित किया वैश्विक आपातकाल

Ebola Virus France: दुनिया भर में पैर पसार रहे इबोला वायरस की अब फ्रांस में एंट्री हो गई है। कांगो से लौटे एक डॉक्टर के संक्रमित पाए जाने के बाद उन्हें आइसोलेशन में रखा गया है।
Ebola reaches France; infection detected in a doctor returning from Congo; WHO declares global emergency.
सांकेतिक एआई फोटो
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Ebola Virus France WHO Health Emergency: यूरोप में इबोला का पहला मामला जानलेवा इबोला वायरस ने अब यूरोप में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। फ्रांस के स्वास्थ्य अधिकारियों ने देश में इबोला के पहले मामले की पुष्टि की है, जिससे पूरे महाद्वीप में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।

यह मामला एक ऐसे डॉक्टर से जुड़ा है, जो हाल ही में कांगो (DRC) में एक मानवीय मिशन पूरा करने के बाद फ्रांस लौटा था। संक्रमित पाए जाने के तुरंत बाद, डॉक्टर को एक विशेष आइसोलेशन सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।

मरीज की हालत स्थिर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति पेशे से डॉक्टर है और वह कुछ दिन पहले ही कांगो से लौटा था। फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि फिलहाल मरीज की हालत स्थिर बनी हुई है। राहत की बात यह है कि मंत्रालय ने आम जनता के लिए संक्रमण के खतरे को फिलहाल बहुत कम बताया है, क्योंकि मरीज को लक्षण दिखने के तुरंत बाद ही अलग-थलग कर दिया गया था।

इबोला के खतरनाक आंकड़े

इबोला वायरस वर्तमान में कांगो और युगांडा जैसे अफ्रीकी देशों में तेजी से फैल रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में अब तक इबोला से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 1,048 तक पहुंच गई है, जिनमें से 250 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस वायरस की मृत्यु दर लगभग 25.5 प्रतिशत है, जो इसे बेहद घातक बनाती है।

बुंदीबुग्यो स्ट्रेन ने बढ़ाई चिंता

सबसे बड़ी चुनौती इस बार इबोला का 'बुंदीबुग्यो' स्ट्रेन चिंता का मुख्य कारण बना हुआ है। यह इबोला वायरस का एक दुर्लभ और खतरनाक प्रकार है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस विशिष्ट स्ट्रेन के लिए फिलहाल कोई प्रमाणित वैक्सीन या पूरी तरह से प्रभावी इलाज उपलब्ध नहीं है। यह वायरस शरीर में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, दस्त और गंभीर मामलों में आंतरिक रक्तस्राव का कारण बनता है।

WHO ने जारी किया अलर्ट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इसे 'अंतरराष्ट्रीय चिंता वाली स्वास्थ्य आपात स्थिति' घोषित कर दिया है। इसके साथ ही, अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने भी इसे महाद्वीपीय सुरक्षा के लिए खतरा माना है।

वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसियों ने दुनिया भर के देशों को हवाई अड्डों और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की सख्त सलाह दी है ताकि संक्रमित यात्रियों की समय पर पहचान की जा सके। दक्षिण सूडान जैसे पड़ोसी देशों को वर्तमान में 'हाई रिस्क जोन' में रखा गया है।

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