Dubai पर ईरानी ड्रोन का हमला: जेबेल अली पोर्ट और पाम जुमेराह दहले, सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा खौफ
Iranian Drone Strike: ईरान-इजरायल युद्ध अब दुबई तक पहुंच गया है। 1 मार्च की सैटेलाइट तस्वीरों में जेबेल अली पोर्ट और पाम जुमेराह पर भीषण आग और धुएं का गुबार दिखा, जिसमें 3 लोगों की जान चली गई।
- Written By: प्रिया सिंह
दुबई पर ईरानी ड्रोन का हमला (सोर्स- सोशल मीडिया)
War Conflict Dubai Infrastructure Impact: कल तक जो दुबई दुनिया के लिए पर्यटन और बिजनेस का सबसे सुरक्षित ठिकाना माना जाता था, आज वहां की आसमान छूती इमारतों पर युद्ध के काले बादल मंडरा रहे हैं। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष की आग अब रेगिस्तान के इस खूबसूरत शहर तक पहुंच चुकी है जिससे हर तरफ दहशत का माहौल है। सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों ने इस खौफनाक मंजर की पुष्टि की है जहां आलीशान इलाकों से धुएं का गुबार उठता हुआ साफ नजर आ रहा है। यह हमला केवल एक शहर पर हमला नहीं है बल्कि मिडिल-ईस्ट के उस भरोसे पर चोट है जिसने दशकों से इसे संघर्षों से दूर रखा था।
दुबई के प्रमुख इलाकों में तबाही
ताजा सैटेलाइट तस्वीरों ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है क्योंकि इनमें दुबई के मशहूर जेबेल अली पोर्ट और पाम जुमेराह जैसे इलाकों में आग लगी हुई दिख रही है। ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों के मलबे से शहर के बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है जिससे वहां रहने वाले लोगों में गहरी चिंता देखी जा रही है। 1 मार्च को ली गई ये तस्वीरें उस तबाही की गवाह हैं जो अब खाड़ी के इस सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र को अपनी चपेट में ले चुकी है।
जान-माल का भारी नुकसान
अधिकारियों ने इस हमले में कम से कम तीन मासूम लोगों की मौत होने की पुष्टि की है जबकि दर्जनों अन्य लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पतालों में भर्ती हैं। दशकों से शांति का टापू माने जाने वाले दुबई में इस तरह की हिंसा ने स्थानीय लोगों और वहां रह रहे प्रवासियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। जेबेल अली पोर्ट के पास लगी भीषण आग को बुझाने के लिए दमकल विभाग की टीमें घंटों तक जूझती रहीं ताकि नुकसान को कम किया जा सके।
सम्बंधित ख़बरें
Explainer: ईरान ने कर दिया मोसाद वाला कारनामा! इजरायल में खड़ी की जासूसों की फौज, नेतन्याहू की नींद हराम
PoK में प्रदर्शनकारियों की मौत पर बढ़ा तनाव, JAAC ने 23 जुलाई को बड़े आंदोलन का किया ऐलान
बार-बार सड़कें खोदने की झंझट से मिलेगी मुक्ति: नागपुर मनपा बनाएगी 38 किमी लंबा अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर
रूस पर भारत का सख्त रुख! ओडेसा हमले में 4 भारतीयों की मौत के बाद राजनयिक तलब
उड़ानों और व्यापार पर असर
दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर इस हमले का सीधा असर पड़ा है क्योंकि सुरक्षा कारणों से कई महत्वपूर्ण उड़ानों के समय में बदलाव करना पड़ा या उन्हें रद्द कर दिया गया है। पाम जुमेराह जैसे आलीशान होटल वाले इलाकों के पास धुएं के निशान दिखने से पर्यटन उद्योग को भी आने वाले समय में बड़े झटके लगने की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा प्रणालियों ने कई खतरों को नाकाम किया लेकिन गिरते मलबे ने शहर की रफ्तार को फिलहाल के लिए थाम दिया है।
युद्ध का विस्तार और खतरा
ईरान ने यह जवाबी कार्रवाई अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के विरोध में की है जिससे साबित होता है कि अब कोई भी सुरक्षित क्षेत्र इस जंग से अछूता नहीं है। कुछ दिनों पहले तक जो आसमान बिल्कुल साफ नजर आता था वहां अब धुएं के गुबार और सैन्य गतिविधियों की गूंज सुनाई दे रही है जो वैश्विक शांति के लिए खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को संभालना आने वाले समय में बहुत मुश्किल होगा।
यह भी पढ़ें: खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में कोहराम… बगदाद में अमेरिकी दूतावास पर हमला
प्रशासन की सुरक्षा चौकसी
UAE प्रशासन ने जनता को भरोसा दिलाया है कि उनका एडवांस सिक्योरिटी सिस्टम भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े खतरे को टालने के लिए पूरी तरह से तैयार और मुस्तैद है। हालांकि जमीन पर हुआ नुकसान और लोगों के मन में बैठा डर जल्द खत्म होने वाला नहीं है क्योंकि युद्ध की लपटें अब उनके दरवाजों तक पहुंच चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लगातार अपील की जा रही है कि वे हस्तक्षेप करें ताकि इस खूबसूरत शहर और इसके निवासियों को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।
