एपस्टीन फाइल्स में नाम आने से दुबई की दिग्गज कंपनी डीपी वर्ल्ड के चेयरमैन का इस्तीफा (सोर्स-सोशल मीडिया)
Dubai Port Company Leadership Change: अमेरिका के कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े नए खुलासों ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है। इन दस्तावेजों में दुबई के बड़े कारोबारी सुल्तान अहमद बिन सुलायम का नाम आने से विवाद खड़ा हो गया। बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और निवेश रुकने की आशंका के बीच सुलायम ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस घटना ने वैश्विक व्यापार जगत और खाड़ी देशों की दिग्गज कंपनियों के प्रबंधन में बड़ा बदलाव ला दिया है।
एपस्टीन फाइल्स में खुलासा हुआ है कि सुल्तान अहमद बिन सुलायम के एपस्टीन के साथ काफी गहरे संबंध थे। दस्तावेजों के अनुसार दोनों के बीच महिलाओं और कारोबारी मौकों को लेकर ईमेल पर लगातार बातचीत होती थी। एक ईमेल में सुलायम ने अपनी यॉट पर “100% रशियन महिला” होने का जिक्र भी एपस्टीन से किया था।
साल 2009 के एक ईमेल में एपस्टीन ने सुलायम को “टॉर्चर वीडियो” पसंद आने की बात लिखी थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह ईमेल किस विशेष वीडियो या घटना के बारे में बात कर रहा था। जांच में पाया गया कि 2008 में सजा मिलने के बाद भी दोनों के बीच मित्रतापूर्ण संबंध लंबे समय तक बने रहे।
इस विवाद के बाद ब्रिटेन की विकास वित्त एजेंसी और कनाडा के पेंशन फंड ने कंपनी में निवेश रोकने की चेतावनी दी थी। विदेशी निवेशकों के बढ़ते दबाव के कारण कंपनी के नेतृत्व में बदलाव करना प्रबंधन के लिए अनिवार्य हो गया था। डीपी वर्ल्ड का कारोबार भारत समेत कई देशों में फैला है, इसलिए निवेशकों का भरोसा बनाए रखना बहुत जरूरी था।
दुबई के शासक के आदेश पर अब एसा काजिम को निदेशक मंडल का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वहीं भारतीय मूल के युवराज नारायण को अब समूह का मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO नियुक्त किया गया है। युवराज नारायण साल 2004 से कंपनी से जुड़े हैं और उन्होंने पहले भी कई वरिष्ठ पदों की जिम्मेदारी संभाली है।
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डीपी वर्ल्ड दुनिया भर के कंटेनर यातायात में लगभग 10 प्रतिशत की बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली प्रमुख कंपनी है। यह कंपनी कई महाद्वीपों में अपने बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स सेवाओं का संचालन पूरी कुशलता से करती है। नए नेतृत्व के सामने अब कंपनी की छवि को सुधारने और वैश्विक निवेशकों को फिर से जोड़ने की चुनौती होगी।