सूडान की जंग ने ली नई करवट! चाड में ड्रोन हमले से 17 की मौत; राष्ट्रपति ने दिया जवाबी कार्रवाई का आदेश

Sudan Drone Attack: सूडान के गृहयुद्ध की आग अब पड़ोसी देश चाड तक पहुंच गई है। सीमावर्ती शहर तिन में हुए एक ड्रोन हमले में 17 नागरिकों की जान चली गई है जिसके बाद सरकार ने कड़े हमले की चेतावनी दी है।
Sudan War Takes a New Turn! 17 Killed in Drone Strike in Chad; President Orders Retaliation
सूडान चाड ड्रोन हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Sudan Chad Conflict: सूडान में पिछले एक साल से अधिक समय से जारी भीषण गृहयुद्ध अब पड़ोसी देशों के लिए बड़ा खतरा बन गया है। बुधवार को सूडान की ओर से किए गए एक ड्रोन हमले में चाड के सीमावर्ती शहर 'तिन' में 17 लोगों की मौत हो गई। चाड सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और सूडान से होने वाले किसी भी अगले हमले के खिलाफ सख्त जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई है। यह हमला तब हुआ है जब चाड ने पहले ही युद्ध के प्रसार को रोकने के लिए अपनी सीमाएं बंद कर रखी थीं।

जनाजे में शामिल लोगों को बनाया निशाना

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब लोग एक घर में जनाजे के लिए इकट्ठा हुए थे। चश्मदीदों ने बताया कि वहां दो जोरदार धमाके हुए जिसकी चपेट में आकर शोक मना रहे लोग और पास में खेल रहे मासूम बच्चे आ गए। हालांकि अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले के पीछे सूडानी सेना है या अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) लेकिन चाड सरकार ने इसे सूडान की ओर से किया गया हमला माना है।

आज रात से ही होगा पलटवार

इस घटना के बाद चाड के राष्ट्रपति महामत इद्रिस देबी ने बुधवार रात रक्षा और सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई। राष्ट्रपति ने सेना को स्पष्ट आदेश दिया है कि 'सूडान की ओर से आने वाले किसी भी हमले का आज रात से ही करारा जवाब दिया जाए।' गुरुवार को सरकार ने घोषणा की कि चाड ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी है और जरूरत पड़ने पर वह सूडान के क्षेत्र में घुसकर सैन्य ऑपरेशन चला सकता है।

सूडान में ड्रोन युद्ध और तबाही का मंजर

अप्रैल 2023 से सूडानी सेना और RSF के बीच जारी इस जंग ने अब तक हजारों लोगों की जान ले ली है और 1.2 करोड़ से अधिक लोगों को विस्थापित किया है। इनमें से लगभग 10 लाख लोग भागकर चाड में शरण ले चुके हैं। इस युद्ध में ड्रोन एक प्रमुख हथियार बनकर उभरे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, सूडानी सेना को ईरान-तुर्की और रूस से सैन्य सहायता और ड्रोन मिल रहे हैं जबकि RSF पर चाड और अन्य देशों के माध्यम से आपूर्ति हासिल करने के आरोप लगते रहे हैं। चाड और सूडान के बीच की 1,400 किलोमीटर लंबी सीमा काफी दुर्गम है जिससे सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। ताजा हमले ने क्षेत्र में एक नए क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका पैदा कर दी है।

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