डोनाल्ड ट्रंप, डेल्सी रॉड्रिगेज (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Threat Delcy Rodríguez: अमेरिका के ऑपरेशन के बाद वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन हुआ है और अब डेल्सी रॉड्रिगेज को देश का कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। रॉड्रिगेज इससे पहले देश की उपराष्ट्रपति थीं, अपना पद संभालते ही देश की राजनीतिक दिशा को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाने का संकेत दिया। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें चेतावनी दी है कि अगर वे वेनेजुएला के लिए सही कदम नहीं उठातीं, तो उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रॉड्रिगेज अगर सही काम नहीं करतीं, तो उन्हें मादुरो से भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। ट्रंप के इस बयान में आक्रामकता की झलक दिखाई दी, लेकिन यह उनके पहले के बयान से उलट था, जब उन्होंने कहा था कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रॉड्रिगेज से बात की थी और वे वेनेजुएला में जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए अमेरिकी दबाव के तहत कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अमेरिका वेनेजुएला में शासन की प्रक्रिया में कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं निभाएगा। उन्होंने कहा कि, अमेरिका सिर्फ तेल नाकेबंदी जारी रखेगा और वेनेजुएला शासन पर बाहर से नजर रखेगा।
रुबियो का यह बयान ट्रंप के बयान के विपरीत था, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका अस्थायी रूप से वेनेजुएला का “शासन” संभालेगा। रुबियो ने यह भी बताया कि अमेरिका मादुरो को सत्ता से हटाने के बाद वेनेजुएला के शासन में किसी प्रकार का विदेशी हस्तक्षेप नहीं करेगा, बल्कि तेल प्रतिबंध के माध्यम से नीतिगत बदलावों के लिए दबाव बनाएगा।
रुबियो का बयान इस चिंता को कम करने के प्रयास के रूप में देखा गया, कि क्या अमेरिकी कार्रवाई वेनेजुएला में लंबे समय तक चलने वाला विदेशी हस्तक्षेप या राष्ट्र निर्माण की विफल कोशिश बन सकती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला में स्थिरता लाना है, लेकिन इसके लिए वे एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की कोशिश कर रहे हैं।
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गौरतलब है कि, शनिवार तड़के अमेरिका ने एक बेहद गुप्त और त्वरित ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया है, और उन्हें अपने साथ अमेरिका ले गए। जहां उनपर मुकदमा चलाए जाने की तैयारी है। इस घटना के बाद से वैश्विक राजनीति में भारी उथल-पुथल मची हुई है।