बहुत हो गए अमेरिका के आदेश…रोड्रिगेज ने भरे मंच से कर दिया विद्रोह का ऐलान, अब क्या करेंगे डोनाल्ड ट्रंप?
US-Venezuela Tensions: वेनेजुएला की कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज ने कहा कि वॉशिंगटन के आदेश अब नहीं माने जाएंगे और देश अपने आंतरिक विवादों को विदेशी हस्तक्षेप के बिना सुलझाएगा।
- Written By: अक्षय साहू
डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिका की आलोचना की (सोर्स- सोशल मीडिया)
Delcy Rodriguez Slams US: वेनेजुएला के कार्यकारी राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने हाल ही में अमेरिकी हस्तक्षेप के खिलाफ खुलकर बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब वो वॉशिंगटन के आदेशों को स्वीकार नहीं करेंगे और उनकी सरकार अपने आंतरिक मामलों को स्वतंत्र रूप से सुलझाएगी। रोड्रिगेज का यह बयान 3 जनवरी को अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद आया है, जब अमेरिकी सेना ने मादुरो को एक ऑपरेशन में पकड़ा था।
एन्जोआटेगुई में तेल कर्मचारियों से बातचीत के दौरान रोड्रिगेज ने कहा, “वेनेजुएला के नेताओं को वॉशिंगटन से बहुत आदेश मिल चुके हैं। अब हमें अपनी राजनीति को हमारे तरीके से, बिना विदेशी दखल के सुलझाने का अधिकार है।” अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ज ट्रंप मादुरो के तख्तापलट के बाद से ही वेनेजुएला की राजनीति में दखल देने की कोशिश कर रहे हैं।
वेनेजुएला में बंद होगी विदेशी ताकतों की दखलंदाजी
डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला के आंतरिक विवादों का समाधान घरेलू राजनीति द्वारा किया जाएगा, और विदेशी ताकतों की दखलंदाजी की जरूरत नहीं है। रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय एकता की अपील करते हुए यह भी बताया कि वेनेजुएला कभी नहीं सोचता था कि दक्षिण अमेरिकी देशों में किसी विदेशी शक्ति का हस्तक्षेप होगा।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन ने वेनेजुएला के कमजोर तेल उद्योग में अमेरिकी कंपनियों को निवेश करने के लिए दबाव डाला था। इसके बाद वेनेजुएला की संसद ने एक नए विधेयक पर चर्चा शुरू की, जिसका उद्देश्य देश के विशाल तेल क्षेत्र में सरकारी नियंत्रण को ढीला करना है। यह बदलाव 2007 में ह्यूगो चावेज द्वारा तेल उद्योग का राष्ट्रीयकरण करने के बाद सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
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नए विधेयक के तहत होंगे कई बदलाव
नए विधेयक के तहत निजी कंपनियों को तेल उद्योग में निवेश के नए अवसर मिलेंगे, और निवेश विवादों का समाधान अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के जरिए किया जाएगा। यह प्रस्ताव चावेज के संसाधन-राष्ट्रवाद से अलग दिशा में है, जहां चावेज ने बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर औपनिवेशिक शोषण का आरोप लगाया था और देश की तेल संपत्ति को सरकारी संपत्ति मानते थे। अब यह बदलाव वेनेजुएला के तेल उद्योग को वैश्विक निवेशकों के लिए खोलने की कोशिश कर रहा है।
