दुश्मनी खत्म या…सालों बाद पत्रकारों के बीच पहुंचेंगे ट्रंप! व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में होंगे शामिल
White House Correspondents Dinner: ट्रंप पहली बार व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में शामिल होने जा रहे हैं। मीडिया के कड़े आलोचक रहे ट्रंप के इस कदम ने US के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो, सोशल मीडिया)
White House Correspondents Dinner Trump Media: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिनका राजनीतिक सफर प्रेस की तीखी आलोचना और उनके प्रति कड़े रुख पर टिका रहा है, एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं। ट्रंप शनिवार को आयोजित होने वाले वार्षिक व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर (WHCD) में बतौर राष्ट्रपति पहली बार शिरकत करेंगे।
सालों तक इस पारंपरिक आयोजन से दूरी बनाए रखने के बाद उनका यह फैसला सबको चौंका रहा है। 1921 से चली आ रही इस परंपरा में राष्ट्रपति और पत्रकारों का एक साथ बैठना एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक हिस्सा माना जाता है जिसे ट्रंप ने अपने अब तक के कार्यकाल में पूरी तरह नजरअंदाज किया था।
इस कड़वाहट का इतिहास
डोनाल्ड ट्रंप का मीडिया के साथ रिश्ता हमेशा से तनावपूर्ण रहा है। उन्होंने अपने पिछले कार्यकालों के दौरान पांच बार इस डिनर के निमंत्रण को ठुकराया था। वह अक्सर पत्रकारों पर व्यक्तिगत हमले करने और अपनी पसंद के खिलाफ खबरें चलाने वाले मीडिया घरानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए जाने जाते हैं। आलोचकों का मानना है कि ट्रंप इस आयोजन का बहिष्कार कर प्रेस की स्वतंत्रता और स्वायत्तता को चुनौती दे रहे थे। हालांकि, इस बार उनके शामिल होने के फैसले ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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2011 का वह यादगार डिनर और ओबामा के तंज
ट्रंप इससे पहले 2011 में एक निजी नागरिक के तौर पर इस आयोजन में शामिल हुए थे। उस समय तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ट्रंप के ‘बर्थरिज्म’ दावों (ओबामा के अमेरिकी जन्म पर सवाल) का मंच से जमकर मजाक उड़ाया था। ओबामा ने ट्रंप के रियलिटी शो ‘द अपेंटिस’ और उनके राजनीतिक सपनों पर तीखे तंज कसे थे, जिससे ट्रंप काफी असहज नजर आए थे। कई विश्लेषकों का मानना है कि उस रात हुए सार्वजनिक अपमान ने ही ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव लड़ने और मीडिया के प्रति आक्रामक होने के लिए प्रेरित किया था।
इस बार बदला हुआ होगा फॉर्मेट
ट्रंप की उपस्थिति को देखते हुए इस साल के डिनर के स्वरूप में बड़े बदलाव किए गए हैं। दशकों पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए इस बार किसी कॉमेडियन को आमंत्रित नहीं किया गया है। आमतौर पर कॉमेडियन राष्ट्रपति और पत्रकारों का मजाक उड़ाते हैं लेकिन 2018 में मिशेल वुल्फ की विवादित परफॉर्मेंस के बाद इस पर काफी बहस हुई थी। इस साल कॉमेडियन की जगह मेंटलिस्ट ओज पर्लमैन को मेहमानों के मनोरंजन के लिए बुलाया गया है।
प्रेस की आजादी पर उठते सवाल
ट्रंप के शामिल होने के बावजूद पत्रकारिता जगत में चिंता कम नहीं हुई है। ‘सोसाइटी ऑफ प्रोफेशनल जर्नलिस्ट्स’ सहित कई संगठनों ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन (WHCA) से मांग की है कि वे प्रेस की स्वतंत्रता पर एक सख्त संदेश दें।
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पत्रकारों का आरोप है कि ट्रंप प्रशासन ने प्रेस पूल्स को सीमित करने और मीडिया को ‘जनता का दुश्मन’ बताने जैसे कृत्यों के जरिए स्वतंत्र पत्रकारिता पर ‘व्यवस्थित हमला’ किया है। दूसरी ओर, व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप इतिहास के “सबसे पारदर्शी” राष्ट्रपति हैं जो नियमित रूप से मीडिया से संवाद करते हैं।
