क्रिस्टी नोएम, डोनाल्ड ट्रम्प और मार्कवेन मुलिन (सोर्स-सोशल मीडिया)
Donald Trump Fires Kristi Noem: ईरान के साथ जारी भीषण तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन में एक बहुत बड़ा फेरबदल कर दिया है। उन्होंने अपनी बेहद करीबी मानी जाने वाली क्रिस्टी नोएम को अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) के प्रमुख पद से अचानक हटा दिया है। अब ओक्लाहोमा के सीनेटर मार्कवेन मुलिन को देश की आंतरिक सुरक्षा की कमान सौंपने का फैसला किया गया है। नोएम के कार्यकाल के दौरान हुए कई गंभीर विवादों ने आखिरकार राष्ट्रपति के सब्र का बांध तोड़ दिया।
क्रिस्टी नोएम के विभाग द्वारा इमिग्रेशन कार्रवाई के दौरान दो अमेरिकी नागरिकों की जान जाने से भारी बवाल खड़ा हो गया था। इसके बाद विभाग ने अपनी नीतियों के प्रचार के लिए विज्ञापन अभियानों पर $220 मिलियन की भारी-भरकम राशि खर्च कर डाली थी। सबसे बड़ी बात यह थी कि इन सभी विज्ञापनों में नोएम ने खुद को ही प्रमुख चेहरे के रूप में पेश किया था।
नोएम ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि इन महंगे विज्ञापनों को खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी मंजूरी दी थी। हालांकि ट्रंप ने इस बात से साफ इनकार कर दिया और अंदरखाने चर्चा है कि वे नोएम के इस झूठ से बहुत नाराज थे। इसके अलावा नोएम का कोरी लेवांडोव्स्की के साथ कथित अफेयर भी लगातार मीडिया की सुर्खियों में बना रहा जिससे उनकी छवि बिगड़ी।
भले ही उन्हें गृह सुरक्षा विभाग से हटाया गया है, लेकिन ट्रंप ने उन्हें ‘द शील्ड ऑफ द अमेरिकाज’ प्रोजेक्ट के लिए विशेष दूत नियुक्त किया है। उनकी जगह लेने वाले मार्कवेन मुलिन फिलहाल एक अनुभवी सीनेटर हैं और उन पर देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। वे अब डोनाल्ड ट्रंप की नई रणनीतियों और इमिग्रेशन योजनाओं को सख्ती से आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। ट्रंप प्रशासन अब अपनी टीम में ऐसे वफादार चेहरों को चाहता है जो बिना किसी विवाद के उनकी नीतियों को लागू कर सकें। आने वाले दिनों में गृह सुरक्षा विभाग के कामकाज और उसकी प्राथमिकताओं में काफी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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विपक्षी दलों और आलोचकों ने नोएम पर करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल खुद की ब्रांडिंग और राजनीतिक भविष्य के लिए करने के आरोप लगाए थे। $220 मिलियन की बड़ी राशि को लेकर उठी आवाजों ने ट्रंप को यह सख्त फैसला लेने के लिए मजबूर कर दिया। प्रशासन अब अपनी छवि सुधारने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की कोशिश में गंभीरता से जुटा है।