

Donald Trump Breaks 45 Year Vow No Alcohol: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अक्सर अपने बेबाक बयानों और फैसलों के लिए चर्चा में रहते हैं लेकिन इस बार उनके एक छोटे से 'घूंट' ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। चीन की यात्रा पर पहुंचे डोनाल्ड ट्रंप ने बीजिंग में आयोजित एक भव्य राजकीय भोज के दौरान कुछ ऐसा किया, जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी।
ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सम्मान में शराब का एक पेग पिया, जिसके साथ ही उनकी 45 साल पुरानी वह कसम टूट गई जिसे उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कभी न तोड़ने का संकल्प लिया था।
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शराब का सेवन करना बहुत अजीब माना जा रहा है। दरअसल, इसके पीछे एक दुखद पारिवारिक कारण रहा है। 1981 में डोनाल्ड ट्रंप के बड़े भाई की मृत्यु अत्यधिक शराब के सेवन के कारण हो गई थी। इस घटना ने ट्रंप को अंदर तक झकझोर दिया था, जिसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि वे कभी शराब को हाथ नहीं लगाएंगे। बीते चार दशकों से भी अधिक समय से ट्रंप ने इस दूरी को बनाए रखा था और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उन्होंने अपनी इस शराब से दूरी का जिक्र भी किया था।
व्हाइट हाउस के रिपोर्टर जॉन माइकल द्वारा शेयर किए गए वीडियो में ट्रंप को शराब का सिप लेते हुए देखा जा सकता है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। चीन में राजकीय भोज के दौरान शराब परोसने की परंपरा सदियों पुरानी है। चीनी संस्कृति में शराब पीना मित्रता, अपनापन और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। इससे पहले 2017 में भी जब ट्रंप चीन आए थे तब उनके टेबल पर शराब परोसी गई थी लेकिन उस समय उन्होंने इसे छुआ तक नहीं था। हालांकि, इस बार द्विपक्षीय संबंधों और राष्ट्रपति जिनपिंग के सम्मान में उन्होंने इस पुरानी परंपरा का हिस्सा बनना स्वीकार किया।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, ट्रंप के सम्मान में आयोजित इस राजकीय भोज का मेन्यू बेहद खास था। इसमें पारंपरिक चीनी स्वादों का समावेश किया गया था। मेन्यू में टमाटर के सूप में लॉबस्टर, क्रिस्पी बीफ रिब्स, बीजिंग रोस्ट डक, मौसमी सब्जियों का स्टू, और सरसों की चटनी में पकाया गया सैल्मन शामिल था। इसके अलावा पैन-फ्राइड पोर्क बन और विशेष पेस्ट्री के साथ तिरामिसू और आइसक्रीम जैसे डेजर्ट भी परोसे गए थे।
इस राजकीय भोज में ट्रंप के ठीक बगल में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग बैठे थे, जबकि अन्य टेबलों पर दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी, उद्योगपति और सलाहकार मौजूद थे। ट्रंप का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां उन्होंने व्यक्तिगत संकल्प से ऊपर उठकर राजकीय शिष्टाचार को प्राथमिकता दी।