चिकन नेक के पास चीन की एंट्री! भारत की चिंता पर ड्रैगन ने दिया जवाब, बोला- हमारे बीच न आए कोई तीसरा पक्ष

Teesta River Project News: तीस्ता नदी प्रोजेक्ट पर भारत की आपत्ति को चीन ने दरकिनार कर दिया है। बीजिंग ने जवाब देते हुए इसे तीसरे पक्ष के प्रभाव से मुक्त सहयोग बताया।
China enters the vicinity of the 'Chicken's Neck'! The Dragon responds to India's concerns, stating—no third party should come between us.
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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China Bangladesh Agreement: बांग्लादेश के 'तीस्ता नदी समग्र प्रबंधन एवं पुनर्स्थापन परियोजना' पर भारत की चिंता जाहिर की थी। अब इस पर चीन का जवाब सामने आया है। नई दिल्ली की चिंता दरकिनार करते हुए चीन ने बयान दिया कि ढाका के साथ यह सहयोग तीसरे पक्ष से प्रभाव मुक्त होना चाहिए। भारत की चिंता का मुख्य कारण यह है कि परियोजना के बाद चीन की पहुंच अब चिकन नेक के और करीब आ जाएगी। भारत की चिंता के बावजूद भी चीन इस प्रोजेक्ट में बांग्लादेश के साथ आया।

चीनी विदेश मंत्रालय ने दिया जवाब

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बीजिंग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान गुओ ने भारत की चिंता के सवाल जवाब दिया कि इस सहयोग का मकसद कोई तीसरा पक्ष नहीं है। बांग्लादेश के साथ तीस्ता नदी प्रोजेक्ट पर सहयोग को गुओ ने कहा कि बांग्लादेश और चीन के बीच का सहयोग किसी भी तीसरे पक्ष को निशाना नहीं बनाता है।

चीन दौरे पर गए थे तारिक रहमान

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने शुक्रवार को चीन के दौरे पर थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता महदी अमीन ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और अन्य साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है। बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, प्रधानमंत्री तारिक रहमान इस बैठक में बांग्लादेश के हितों से जुड़े कई अहम मुद्दे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के समक्ष उठाने वाले हैं।

13 समझौतों पर बनी सहमति

यह बैठक गुरुवार को चीन के प्रधानमंत्री ली च्यांग के साथ तारिक रहमान की द्विपक्षीय वार्ता के बाद हुई। उस बैठक में तीस्ता परियोजना, व्यापार और निवेश जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। साथ ही दोनों देशों के बीच दो समझौतों और 13 समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी किए गए।

भारत की चिंता का मुख्य कारण

बांग्लादेश के तीस्ता नदी परियोजना पर चीन की बढ़ती भूमिका को लेकर भारत चिंतित रहता है, क्योंकि तीस्ता नदी भारत के बेहद संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के बेहद पास है। किसी तीसरे देश, विशेषकर चीन की बढ़ती पहुंच से भारत की सुरक्षा चिंता बढ़ा सकती है, क्योंकि यह हिस्सा भारत क पूर्वोत्तर हिस्सों को बाकी हिस्से से जोड़ता है।

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