विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
India-China Border Tension 2026: चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। एक बार फिर से चीन ने भारत को उकसाने वाला कदम उठाया है। चीन ने अरुणाचल प्रदेश के स्थानों को मनगढ़ंत नाम दिया है। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से प्रतिक्रिया आई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है और रहेगा।
चीन के किसी भी तरह के नाम बदलने या झूठे दावे करने से जमीनी हकीकत नहीं बदलती। चीन की इस तरह की हरकतें भ्रामक और निरर्थक हैं, जिसे भारत पूरी तरह से अस्वीकार करता है। चीन का यह कदम आधारहीन है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं करेगा।
चीन के इस कदम के जवाब में विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन के झूठे दावे और मनगढ़ंत कहानियों से किसी तरह की सच्चाई नहीं बदल सकती। अरुणाचल प्रदेश सहित भारत के सभी क्षेत्र हमेशा से देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहे हैं और आगे भी रहेंगे।
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक 9 अप्रैल, 2026 को तवांग जिले में LAC के पास स्थित सीमावर्ती चौकी का दौरा किया था। राज्यपाल की इस यात्रा का उद्देश्य अग्रिम चौकी पर तैनात भारतीय सेना और आईटीबीपी के जवानों का मनोबल बढ़ाना था। साथ ही दुर्गम परिस्थितियों में उनकी सतर्कता का जायजा लेना था। चीन के इस कदम को राज्यपाल के सीमावर्ती जिले की यात्रा का प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
यह पहली दफा नहीं है, जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश का नाम बदलने की कोशिश की है। पहले भी कई बार चीन ऐसी हरकतों से भारत को उकसाने की कोशिश कर चुका है। दरअसल, चीन अरुणाचल प्रदेश को ‘दक्षिणी तिब्बत’ का हिस्सा मानता है और समय-समय पर अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नए नामकरण करता रहा है।
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इसके पहले 2021 और 2017 में भी चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों का नामकरण किया गया है। भारत सरकार चीन के ऐसी हरकतों को कड़ी प्रतिक्रिया देती रही है।