चीन ने अमेरिका से की एकतरफा टैरिफ हटाने की अपील (सोर्स-सोशल मीडिया)
China Appeals To US Trade: चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने अमेरिका से अपने सभी व्यापारिक भागीदारों पर लगे एकतरफा टैरिफ को तुरंत हटाने की पुरजोर अपील की है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि चीन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले और उसके पड़ने वाले वैश्विक प्रभावों का बारीकी से आकलन कर रहा है। बीजिंग का मानना है कि संरक्षणवाद की नीति से कभी किसी का भला नहीं होता और यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का खुला उल्लंघन है।
चीनी प्रवक्ता ने एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि व्यापार युद्ध में कभी भी किसी भी पक्ष की जीत नहीं होती है। चीन ने हमेशा से ही एकतरफा टैरिफ बढ़ोतरी का कड़ा विरोध किया है क्योंकि इससे वैश्विक बाजार में काफी अस्थिरता पैदा होती है। संरक्षणवाद केवल आर्थिक विकास की राह में बाधा डालता है और किसी भी देश के लिए भविष्य में लाभदायक साबित नहीं होता है।
अमेरिका द्वारा लगाए गए फेंटानिल टैरिफ और पारस्परिक टैरिफ जैसे कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों बल्कि खुद अमेरिका के घरेलू कानूनों का भी उल्लंघन हैं। तथ्यों से बार-बार यह साबित हुआ है कि जब चीन और अमेरिका साथ मिलकर काम करते हैं तो दोनों को ही बड़ा आर्थिक फायदा होता है। टकराव की स्थिति में दोनों ही देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ता है।
चीन ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ मामले में दिए गए हालिया फैसले को बहुत ही गंभीरता से संज्ञान में लिया है और उस पर ध्यान दिया है। मंत्रालय इस फैसले के हर एक पहलू और इसके भविष्य में पड़ने वाले कानूनी प्रभावों का बहुत ही विस्तृत तरीके से मूल्यांकन कर रहा है। चीन चाहता है कि अमेरिका अपनी व्यापार नीतियों में सुधार करे और वैश्विक नियमों का सम्मान करते हुए आगे बढ़े।
मंत्रालय ने यह भी देखा है कि अमेरिका अब टैरिफ को बनाए रखने के लिए व्यापार जांच जैसे नए और कड़े कदम उठाने की गुप्त तैयारी कर रहा है। चीन इन गतिविधियों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करेगा और अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है। वह अपने व्यापारिक अधिकारों और हितों की मजबूती से रक्षा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी आवाज उठाता रहेगा।
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बीजिंग ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग से ही दुनिया के दो सबसे बड़े आर्थिक तंत्रों के बीच स्थिरता बनी रह सकती है। एकतरफा कदम किसी के हित में नहीं हैं और इनसे केवल व्यापारिक संबंधों में कड़वाहट और अविश्वास ही बढ़ता हुआ दिखाई देता है। अमेरिका को अपने एकतरफा रवैये को छोड़कर बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के दायरे में रहकर व्यापारिक समस्याओं का हल निकालना चाहिए।
चीन की यह अपील ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर व्यापारिक संतुलन को लेकर काफी चर्चाएं हो रही हैं और माहौल तनावपूर्ण है। अब यह पूरी तरह से अमेरिका पर निर्भर करता है कि वह सहयोग का रास्ता चुनता है या फिर टकराव की नीति पर कायम रहता है। चीन अपनी आर्थिक संप्रभुता और अपने व्यापारिक भागीदारों के हितों के लिए हमेशा अडिग खड़ा रहेगा और नजर बनाए रखेगा।
Ans: चीन ने अमेरिका से अपने व्यापारिक भागीदारों पर लगाए गए सभी एकतरफा टैरिफ को तुरंत हटाने की अपील की है।
Ans: चीन का मानना है कि व्यापार युद्ध में कभी कोई नहीं जीतता और संरक्षणवाद से किसी का भी हित नहीं सधता है।
Ans: चीन के अनुसार, अमेरिका के एकतरफा कदम जैसे पारस्परिक टैरिफ और फेंटानिल टैरिफ अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का उल्लंघन करते हैं।
Ans: चीन ने इस फैसले पर ध्यान दिया है और वह इसके कंटेंट और पड़ने वाले प्रभावों का पूरा आकलन कर रहा है।
Ans: चीन अमेरिका की व्यापार जांच जैसी तैयारियों पर कड़ी नजर रखेगा और अपने हितों की मजबूती से रक्षा करेगा।