

China Imposed New Condom Tax: चीन की सरकार तीन दशकों के बाद पहली बार कंडोम और गर्भनिरोधक दवाओं पर टैक्स लगाने जा रहा है। सरकार अब इन उत्पादों पर 13% वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) वसूलने का फैसला किया है। यह कदम 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। कई लोग यह सोच रहे हैं कि जब दुनिया भर में लोग जनसंख्या नियंत्रण के लिए कंडोम और गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, तो चीन ऐसा क्यों कर रहा है।
इस फैसले के पीछे चीन सरकार का मकसद जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देना है। कुछ सालों पहले, चीन ने एक बच्चा नीति लागू की थी, जिससे हर परिवार को केवल एक बच्चा पैदा करने की अनुमति थी। बाद में इस नीति को बदलकर 2015 में दो बच्चों की अनुमति दी गई, और फिर 2021 में इसे तीन बच्चों तक बढ़ा दिया गया। हालांकि, इन बदलावों के बावजूद चीन की जन्म दर लगातार घट रही है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में चीन में केवल 95 लाख बच्चों ने जन्म लिया, जो 2019 के 1.47 करोड़ बच्चों से लगभग एक तिहाई कम हैं। चीन सरकार को चिंता है कि यदि जनसंख्या में गिरावट जारी रही तो यह देश के भविष्य के लिए समस्याएँ पैदा कर सकती हैं। इसलिए, सरकार ने अब गर्भनिरोधक दवाओं और कंडोम की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया ताकि लोग इनका कम इस्तेमाल करें और अधिक बच्चे पैदा करें।
इस कदम से सरकार की योजना यह है कि लोग परिवार नियोजन के बजाय अधिक बच्चों को जन्म देने के लिए प्रोत्साहित हों। हालांकि, इस फैसले की आलोचना भी हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कंडोम और गर्भनिरोधक दवाओं की कीमतें बढ़ा दी जाएं, तो लोग इनका इस्तेमाल कम करेंगे, जिससे अप्रत्याशित गर्भधारण और यौन संचारित रोगों में वृद्धि हो सकती है।
चीन में सालाना कंडोम की खपत के आधिकारिक आंकड़े नहीं हैं। लेकिन IndexBox की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2020 में चीन में करीब 5.4 अरब कंडोम इस्तेमाल हुए। यह लगातार 11वें साल खपत में बढ़ोतरी थी। अब विशेषज्ञों को डर है कि अगर कंडोम का इस्तेमाल घटा, तो इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।