साइबर घोटाले का मास्टरमाइंड Chen Zhi गिरफ्तार, कंबोडिया से चीन प्रत्यर्पण के बाद खुलेगा अरबों का राज
Global Cyber Scam: प्रिंस ग्रुप के संस्थापक चेन झी को कंबोडिया में गिरफ्तार कर चीन भेज दिया गया है। उन पर अरबों डॉलर के अंतरराष्ट्रीय साइबर घोटाले और जबरन श्रम गिरोह चलाने का संगीन आरोप है।
- Written By: प्रिया सिंह
साइबर घोटाले का मास्टरमाइंड चेन झी (सोर्स-सोशल मीडिया)
Prince Group Founder Extradition China: चीनी-कंबोडियाई युवा अरबपति चेन झी की हालिया गिरफ्तारी ने वैश्विक व्यापार जगत और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच हलचल मचा दी है। कंबोडियाई समूह ‘प्रिंस ग्रुप’ के संस्थापक चेन पर दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट चलाने का गंभीर आरोप है।
कंबोडिया द्वारा उसकी नागरिकता छीनने और उसे चीन प्रत्यर्पित करने के बाद एक ऐसे साम्राज्य का पतन हो गया है जिसने रियल एस्टेट से लेकर बैंकिंग तक अपना जाल फैलाया था। अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, चेन का यह संगठन केवल एक व्यापारिक समूह नहीं, बल्कि एशिया के सबसे खूंखार अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों में से एक था।
अरबों का साइबर साम्राज्य
चेन झी ने मात्र 27 साल की उम्र में प्रिंस ग्रुप की स्थापना की थी, जिसका दखल एयरलाइंस और क्रिप्टोकरेंसी निवेश तक था। अमेरिकी जांच के अनुसार, उसने फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए दुनिया भर के निर्दोष लोगों से अरबों डॉलर की ठगी की। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि उसके कई घोटाला केंद्रों में जबरन श्रम और मानव तस्करी का सहारा लिया जाता था।
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रिश्वत और राजनीतिक रसूख
अमेरिकी अभियोजकों का आरोप है कि चेन ने राजनीतिक प्रभाव और भारी रिश्वत के दम पर वर्षों तक कानून की पकड़ से बचने की कोशिश की। उसने चोरी किए गए काले धन को वैध बनाने के लिए कैसीनो और अन्य वैध व्यवसायों का उपयोग एक आवरण के रूप में किया। यह भी बताया गया है कि उसके संबंध कुछ देशों की राज्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी काफी गहरे थे।
विलासितापूर्ण जीवन और शौक
अवैध कमाई का इस्तेमाल चेन और उसके सहयोगियों ने निजी जेट, लग्जरी नौकाएं और न्यूयॉर्क में पिकासो की पेंटिंग जैसी दुर्लभ कलाकृतियां खरीदने के लिए किया। उसके पास वानुअतु, साइप्रस और सेंट लूसिया सहित कई देशों की नागरिकता थी, जिससे उसे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार भागने में मदद मिली। हालांकि, कंबोडियाई और चीनी पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन ने उसके इस फरारी के सफर को समाप्त कर दिया।
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अर्श से फर्श तक का सफर
1987 में चीन के फुजियान में जन्मे चेन ने अपने करियर की शुरुआत एक मामूली इंटरनेट कैफे से की थी। 2014 में भारी दान देकर कंबोडिया की नागरिकता हासिल करने वाले चेन को वहां ‘नेक ओक्न्हा’ की सम्मानित उपाधि भी मिली थी। हाल ही में चीनी मीडिया द्वारा जारी एक वीडियो में उसे आंखों पर पट्टी और हथकड़ी लगाए एक अपराधी की तरह ले जाते हुए दिखाया गया।
