ब्रिटेन ने चागोस द्वीप सौदे को रोका (सोर्स- सोशल मीडिया)
UK Stops Chagos Islands Deal: ब्रिटेन की कीर स्टार्मर सरकार ने संसद में बताया कि उसने हिंद महासागर में स्थित चागोस द्वीपसमूह को मॉरीशस को सौंपने की प्रक्रिया को रोक दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ब्रिटेन पर दबाव डाल रहे थे कि वह चागोस द्वीपों का हस्तांतरण न करें, क्योंकि वहां अमेरिका का सैन्य ठिकाना भी स्थित है।
ब्रिटेन के विदेश और कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस के मंत्री हामिश फाल्कनर ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत पूरी होने तक चागोस डील को मंजूरी देने की प्रक्रिया को रोका गया है। उनके बयान ने ब्रिटेन में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी और कई सांसदों ने इस पर सवाल उठाए।
हालांकि, ब्रिटेन के विदेश विभाग ने तुरंत ही स्पष्ट किया कि फाल्कनर का बयान सही नहीं था। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि “कोई रोक नहीं है, और हमने कभी कोई समय सीमा तय नहीं की है। मंजूरी की प्रक्रिया हमेशा की तरह समयानुसार आगे बढ़ाई जाएगी।” उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मॉरीशस को द्वीप समूह सौंपने की योजना अब अमेरिका के समर्थन पर निर्भर है। प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटेन अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहा है और यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अमेरिकी समर्थन के बिना आगे कोई कदम न उठाया जाए।
बुधवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में फाल्कनर ने बताया कि संसद में चागोस डील से जुड़ी प्रक्रिया जारी है और इसे सही समय पर संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ बातचीत के लिए अभी इंतजार कर रहा है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चागोस डील से अपना समर्थन वापस ले लिया था। उन्होंने कहा कि कीर स्टार्मर द्वारा द्वीपसमूह को मॉरीशस को सौंपना एक बड़ी गलती होगी। इस डील के तहत ब्रिटेन और अमेरिका को डिएगो गार्सिया में 99 साल के लीज के तहत महत्वपूर्ण सैन्य बेस बनाए रखने की अनुमति दी गई थी।
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कीर स्टार्मर ने पिछले साल इस डील पर सहमति जताई थी। इसके तहत डिएगो गार्सिया पर ब्रिटेन-अमेरिका मिलिट्री बेस बनाए रखने के लिए ब्रिटेन हर साल लगभग 35 अरब डॉलर का भुगतान करेगा। ट्रंप ने पहले इस डील का समर्थन किया था, लेकिन इस महीने की शुरुआत में उन्होंने अचानक अपना रुख बदल लिया और इसे रोकने का संकेत दिया।
Ans: चागोस द्वीपसमूह को ब्रिटेन ने मॉरीशस को सौंपने की योजना बनाई थी, लेकिन प्रक्रिया अमेरिका के समर्थन पर टल गई।
Ans: अमेरिका के लिए डिएगो गार्सिया में सैन्य बेस महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हस्तांतरण अमेरिका के लिए बड़ी गलती होगी।
Ans: ब्रिटेन ने कहा कि अमेरिकी समर्थन के बिना आगे कोई कदम नहीं उठाया जाएगा और द्विपक्षीय बातचीत पूरी होने तक प्रक्रिया टल जाएगी।
Ans: डिएगो गार्सिया में अमेरिका और ब्रिटेन का संयुक्त सैन्य बेस है। यह रणनीतिक रूप से हिंद महासागर में स्थित है और 99 साल के लीज के तहत काम करता है।