

CDS Anil Chauhan UK Visit Britain Defense Ties: भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने सोमवार को ब्रिटेन की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा की शुरुआत की, जिसे दोनों देशों के रक्षा संबंधों के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है। लंदन पहुंचने पर जनरल चौहान को औपचारिक ‘सेरेमोनियल स्टेप लाइन’ सम्मान दिया गया। उनका स्वागत उनके ब्रिटिश समकक्ष एयर चीफ मार्शल सर रिचर्ड नाइटन ने किया जो भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच भविष्य की ओर बढ़ते मजबूत और भविष्योन्मुखी रक्षा संबंधों का प्रतीक है।
यह किसी भी भारतीय सीडीएस की पहली यूके यात्रा है, जो इसे रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है। गौरतलब है कि इस वर्ष भारत और ब्रिटेन के बीच यह पाँचवीं बड़ी सैन्य मुलाकात है। इससे पहले मार्च में ब्रिटेन के चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल हार्वे स्माइथ ने भारत का दौरा किया था। जनरल चौहान ने अपनी इस यात्रा के दौरान लंदन में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम के दोराईस्वामी से भी मुलाकात कर द्विपक्षीय हितों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व ने कई महत्वपूर्ण वैश्विक और रणनीतिक मुद्दों पर गहन चर्चा की। मुख्य फोकस निम्नलिखित क्षेत्रों पर रहा
साइबर सुरक्षा और इंटेलिजेंस: दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा और खुफिया जानकारी साझा करने (Intelligence Sharing) में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की है ताकि उभरते खतरों का मुकाबला किया जा सके।
रक्षा उत्पादन: सीडीएस चौहान ब्रिटिश रक्षा उद्योग के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे ताकि दोनों देशों के बीच रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में सहयोग को और अधिक मजबूती दी जा सके।
रणनीतिक संचार और सैन्य अभ्यास: भविष्य में होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यासों और रणनीतिक संचार के माध्यम से आपसी सैन्य तालमेल को गहरा करने पर जोर दिया गया।
अपने इस तीन दिवसीय दौरे के दौरान जनरल चौहान वरिष्ठ सैन्य और नागरिक अधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। इसके अलावा, वह रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज का भी दौरा करेंगे जहां वे विभिन्न देशों के छात्रों के साथ संवाद करेंगे और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर अपने विचार साझा करेंगे। इस पूरी यात्रा का व्यापक उद्देश्य वैश्विक सुरक्षा, स्थिरता और मजबूती को बढ़ावा देना है।
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया के कई हिस्सों में सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं। हाल ही में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और एयर चीफ मार्शल सर हार्वे स्माइथ के बीच नई दिल्ली में हुई मुलाकात ने भी इस दिशा में आधार तैयार किया था। जनरल चौहान की यह यात्रा भारत और ब्रिटेन की वैश्विक स्थिरता के प्रति साझा प्रतिबद्धता को और अधिक बल प्रदान करती है।