ट्रंप उधर ईरान में फंसे, इधर यूक्रेन ने रूस के भीतर मचाई तबाही; धू-धू कर जलीं तेल रिफाइनरी

Ukraine Attacks Russian Oil Refinery: जब पूरी दुनिया का ध्यान ईरान-होर्मुज संकट पर है तब यूक्रेन ने रूस के सैन्य ठिकानों और तेल रिफाइनरी पर भीषण हमला कर रूसी खेमे में हड़कंप मचा दिया है।
The Looming Shadow of Catastrophe! As Trump Grapples with the Crisis in Iran, Ukraine Unleashes Havoc Deep Within Russia; Refineries Engulfed in Flames.
रूस की तेल रिफाइनरियां में लगी आग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Ukraine Attacks Russian Oil Refinery And Ships: एक तरफ जहां दुनिया की नजरें ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी पर टिकी हैं वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन ने रूस के खिलाफ एक बड़ा और रणनीतिक हमला बोल दिया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेनी सेना ने रविवार को काला सागर के किनारे स्थित रूसी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया, जिससे युद्ध के इस मोर्चे पर एक बार फिर भीषण टकराव की स्थिति पैदा हो गई है।

काला सागर में रूसी नौसेना पर प्रहार

यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि उनकी विशेष इकाइयों ने 'सेबास्तापोल बे' के आसपास रूसी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से जोरदार हमला किया है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में काला सागर में तैनात  रूस के दो से अधिक नौसैनिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही रूसी रडार सिस्टम और संचार उपकरणों को भी भारी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने अभी तक अपने जहाजों को हुए नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

तुयाप्से रिफाइनरी पर हमला

यूक्रेन ने केवल सैन्य ठिकानों को ही नहीं बल्कि रूस की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले ऊर्जा क्षेत्र को भी निशाना बनाया है। रविवार को यूक्रेन ने रूस की प्रसिद्ध तुयाप्से तेल रिफाइनरी (Tuapse Oil Refinery) पर ड्रोन हमला किया। यह रिफाइनरी प्रतिदिन लगभग 2,40,000 बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करती है। रूसी अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि की है और बताया है कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है। रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने दावा किया है कि उन्होंने पिछले 24 घंटों में 112 से अधिक यूक्रेनी ड्रोन्स और मिसाइलों को मार गिराया है।

ईरान संकट के बीच यूक्रेन की चुनौती

पिछले चार साल से जारी इस युद्ध ने दोनों देशों को गहरे संकट में डाल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो इस युद्ध को समाप्त कराने का दावा कर रहे थे वह  फिलहाल ईरान जंग में बुरी तरह से फंस चुके है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में बढ़ता तनाव यूक्रेन के लिए खतरे की घंटी हो सकता है, क्योंकि यूक्रेन काफी हद तक अमेरिकी हथियारों और सैन्य सहायता पर निर्भर है। यदि अमेरिका का ध्यान पूरी तरह से मध्य पूर्व की ओर केंद्रित हो जाता है, तो यूक्रेन के लिए रूस का मुकाबला करना और भी कठिन हो जाएगा।

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