चीन ने चल दी बड़ी चाल...अमेरिका के पड़ोसी को बताया अपना जिगरी यार, डोनाल्ड ट्रंप की नींद हराम

China-Canada Relations: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी चीन पहुंचे हैं, अमेरिका से दूरी बनाए रखने और व्यापार बढ़ाने के लिए। दौरे में शी जिनपिंग से मुलाकात और व्यापार, ऊर्जा, कृषि चर्चा शामिल।
Mark Carney China Visit
मार्क कार्नी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Mark Carney China Visit: कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी बुधवार को बीजिंग पहुंच गए हैं। यह पिछले कई सालों में कनाडा के किसी प्रधानमंत्री का चीन का पहला बड़ा आधिकारिक दौरा है। इस दौरे को चीन और कनाडा के रिश्तों को सुधारने के साथ-साथ अमेरिका के प्रभाव से दूरी बनाने के रूप में देखा जा रहा है। चीन की सरकारी मीडिया ने कनाडा से कहा है कि वह अपनी विदेश नीति में ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ अपनाए और अमेरिका के पीछे-पीछे न चले।

चाइना डेली ने अपने संपादकीय में लिखा कि कनाडा को पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में आई खराबी पर विचार करना चाहिए। इस खराबी की मुख्य वजह पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो सरकार की अमेरिका के साथ मिलकर चीन को रोकने की नीतियां थीं। संपादकीय में कहा गया कि अगर कनाडा अपनी चीन नीति को अमेरिका की इच्छा के अधीन रखता है, तो बीजिंग के साथ रिश्तों में सुधार के प्रयास व्यर्थ हो जाएंगे।

चीन ने कनाडा को लेकर क्या कहा?

सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि अमेरिका के साथ मिलकर चीन पर ऊंचे टैरिफ लगाने के अनुभव से ओटावा में रणनीतिक स्वायत्तता की समझ पैदा हुई है। कनाडा लंबे समय तक अमेरिका का करीबी सहयोगी रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में यह रिश्ते बदल रहे हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा के एक्सपोर्ट प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लगाए थे और यहां तक कहा था कि कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य बन जाना चाहिए। कार्नी, जो पिछले साल प्रधानमंत्री बने हैं, इस दौरे को व्यापार केंद्रित बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम कनाडा की अर्थव्यवस्था को अमेरिकी बाजार पर निर्भर रहने से बचाने और नए अंतरराष्ट्रीय साझेदार बनाने का हिस्सा है। कनाडा अब अमेरिका के अलावा अन्य देशों के साथ व्यापार बढ़ाना चाहता है।

कनाडा-चीन संबंध तनाव की वजह

कनाडा-चीन संबंध पिछले कुछ वर्षों में तनावपूर्ण रहे। 2018 में अमेरिका के कहने पर चीन की एक प्रमुख टेक कंपनी की अधिकारी को कनाडा में गिरफ्तार किया गया था, जिससे रिश्तों में खटास आई। 2024 में ट्रूडो सरकार ने चीन से आयातित इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100% और स्टील व एल्यूमिनियम पर 25% टैरिफ लगाया था। चीन ने जवाब में कनाडा के कैनोला, समुद्री भोजन और पोर्क पर टैरिफ लगाए।

कार्नी का दौरा 14 से 17 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य नेताओं से मिलेंगे। दोनों देश व्यापार, ऊर्जा, कृषि और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरे से व्यापारिक समझौतों में कुछ प्रगति हो सकती है, लेकिन टैरिफ पूरी तरह हटने की संभावना कम है।

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