Canada vs UK: इमिग्रेशन कटौती के बाद भी कनाडा क्यों है छात्रों की पहली पसंद? जानें PR का आसान रास्ता
Faster Canada PR: इमिग्रेशन कटौती के बावजूद कनाडा में PR पाना यूके के मुकाबले आसान और तेज है। कनाडा में पढ़ाई के बाद 1 साल के काम से स्थायी निवास मिल सकता है, जबकि यूके में 5 से 10 साल लगते हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
कनाडा और यूनाइटेड किंगडम फ्लैग (सोर्स-सोशल मीडिया)
Canada vs UK Student PR Rules: विदेश में पढ़ाई के साथ वहां स्थायी रूप से बसने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों के लिए कनाडा आज भी सबसे भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। हालांकि कनाडा सरकार ने हाल ही में इमिग्रेशन नियमों में सख्ती की है, लेकिन यूनाइटेड किंगडम (UK) की तुलना में यहां स्थायी निवास (PR) पाना कहीं अधिक आसान और तेज है।
कनाडा का ‘स्टडी-टू-इमिग्रेट’ मॉडल छात्रों को पढ़ाई खत्म करने के तुरंत बाद वर्क परमिट और फिर नागरिकता की ओर ले जाने वाला एक स्पष्ट रास्ता प्रदान करता है। यही कारण है कि यूके के कड़े होते नियमों के बीच वैश्विक स्तर पर छात्र कनाडा को अपनी पहली प्राथमिकता के रूप में चुन रहे हैं।
कनाडा में PR का तेज और सीधा रास्ता
कनाडा में उच्च शिक्षा पूरी करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्र अपनी डिग्री मिलने के मात्र एक वर्ष के भीतर ही स्थायी निवास के लिए पात्र हो सकते हैं। इसके विपरीत, यूके में स्थायी निवास (ILR) पाने के लिए छात्रों को कम से कम पांच साल और कभी-कभी दस साल तक का लंबा इंतजार करना पड़ता है। कनाडा की एक्सप्रेस एंट्री प्रणाली और कनाडाई अनुभव श्रेणी (CEC) छात्रों को कम उम्र में ही कानूनी रूप से बसने का मौका देती है, जो यूके में संभव नहीं है।
सम्बंधित ख़बरें
Hamza Burhan Funeral: हमजा बुरहान के जनाजे में भारी हथियारों के साथ पहुंचा हिजबुल चीफ सलाउद्दीन
China Coal Mine Blast: चीन में कोयला खदान में विस्फोट से मचा हाहाकार, 82 लोगों ने गंवाई जान, कई अब भी लापता
Marco Rubio India Visit: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा शुरू, पीएम मोदी से करेंगे खास मुलाकात
New York Shipyard Fire: न्यूयॉर्क शिपयार्ड में भीषण आग और विस्फोट, 1 की मौत, 36 घायल
वर्क परमिट की अवधि में बड़ा अंतर
कनाडा में पढ़ाई के बाद मिलने वाला पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) छात्रों को तीन साल तक काम करने की अनुमति देता है, जो उनके भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दूसरी ओर, यूके ने अपने ग्रेजुएट वीजा नियमों को लगातार सख्त किया है, जहां 2027 तक छात्रों को केवल 18 महीने का ही वर्क वीजा मिल पाएगा। कनाडा में छात्रों को न केवल काम करने के लिए अधिक समय मिलता है, बल्कि वहां का कार्य अनुभव सीधे उनकी PR फाइल को मजबूत बनाने में मदद करता है।
काम के अनुभव की मान्यता का फर्क
यूके में ग्रेजुएट वीजा पर किया गया काम अक्सर स्थायी निवास की गणना में नहीं जोड़ा जाता है, जिसके लिए छात्रों को स्किल्ड वर्कर वीजा पर स्विच करना पड़ता है। कनाडा में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है, यहां PGWP के दौरान हासिल किया गया कोई भी कुशल कार्य अनुभव सीधे PR की पात्रता में गिना जाता है। इस नीतिगत अंतर के कारण कनाडा जाने वाले छात्र यूके जाने वाले छात्रों की तुलना में औसतन 4-5 साल पहले ही स्थायी नागरिक का दर्जा हासिल कर लेते हैं।
यह भी पढ़ें: विदेश मंत्री एस. जयशंकर की लक्ज़मबर्ग के राष्ट्राध्यक्ष से मुलाकात, इन 4 सेक्टर्स में बढ़ेगा सहयोग
छात्रों के लिए भविष्य की अनिश्चितता
यूके में स्थायी निवास के नियम बार-बार बदलने और प्रायोजन (Sponsorship) की कठिन शर्तों के कारण छात्रों में भारी अनिश्चितता का माहौल बना रहता है। कनाडा ने भी स्टूडेंट परमिट की सीमा तय की है, लेकिन वहां का इमिग्रेशन सिस्टम आज भी अधिक पारदर्शी और प्रक्रियात्मक रूप से सरल माना जाता है। जो छात्र शिक्षा के बाद एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य की तलाश में हैं, उनके लिए कनाडा की नीतियां आज भी यूनाइटेड किंगडम के मुकाबले कहीं अधिक छात्र-अनुकूल और प्रभावी साबित हो रही हैं।
Frequently Asked Questions
-
Que: कनाडा में पढ़ाई के बाद PR मिलने में कितना समय लगता है?
Ans: कनाडा में स्नातक होने के बाद, अगर आपके पास एक वर्ष का कुशल कार्य अनुभव है, तो आप एक्सप्रेस एंट्री के माध्यम से PR के लिए आवेदन कर सकते हैं।
-
Que: यूके का 'इंडेफिनेट लीव टू रिमेन' (ILR) क्या है?
Ans: यह यूके में स्थायी रूप से रहने का दर्जा है, जिसे पाने के लिए आमतौर पर स्किल्ड वर्कर रूट पर कम से कम 5 साल तक काम करना अनिवार्य होता है।
-
Que: क्या कनाडा ने स्टूडेंट वीजा की संख्या कम कर दी है?
Ans: हां, कनाडा ने 2024-2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्र परमिट पर एक सीमा (Cap) लगाई है, लेकिन वहां का इमिग्रेशन सिस्टम अभी भी अन्य देशों से तेज है।
-
Que: पीजीडब्ल्यूपी (PGWP) की अधिकतम अवधि कितनी होती है?
Ans: कनाडा में मास्टर डिग्री या दो साल से अधिक के कोर्स करने वाले छात्रों को अधिकतम तीन साल का वर्क परमिट मिल सकता है।
