बलूच कार्यकर्ता की हत्या पर फूटा BSO आजाद का गुस्सा, बलूच शरणार्थियों की सुरक्षा की उठाई मांग

Protecting Baloch Refugees: BSO आजाद की प्रवक्ता शोलान बलोच ने डॉक्टर अब्दुल रशीद आरिफ नोकप की हत्या की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संस्थाओं से सुरक्षा दिए जाने की मांग की।
Protection For Baloch Refugees
बलूच शरणार्थियों(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Protection For Baloch Refugees: बलोच स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन आजाद (BSO आजाद) की प्रवक्ता शोलान बलोच ने पाकिस्तान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बलोच स्वतंत्रता आंदोलन को दबाने के लिए राज्य द्वारा राजनीतिक कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। 

BSO आजाद प्रवक्ता ने बलोच नेशनल मूवमेंट के केंद्रीय कार्यकर्ता डॉक्टर अब्दुल रशीद आरिफ नोकप की निर्मम हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक संस्थाओं से बलोच शरणार्थियों की रक्षा करने और पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराने की पुरजोर अपील की।

बलोच राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ राज्य प्रायोजित हिंसा का आरोप

BSO आजाद की प्रवक्ता शोलान बलोच ने अपने हालिया बयान में कहा कि बलोचिस्तान में राजनीतिक माहौल को पूरी तरह समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बलोच राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जबरन गायब करके गुप्त हिरासत केंद्रों में अवैध रूप से बंद रखा गया है।

इसके अलावा कई बलोच नेताओं और कार्यकर्ताओं के शव दूर दराज के इलाकों में लावारिस हालत में फेंक दिए गए हैं। शोलान बलोच के अनुसार राजनीतिक कार्यकर्ताओं की लक्षित हत्याओं के कारण बलोचिस्तान में एक बड़ा राजनीतिक शून्य पैदा हो गया है।

शरणार्थी जीवन जीने को मजबूर कार्यकर्ता और डॉक्टर अब्दुल रशीद की हत्या

लगातार जारी राज्य प्रायोजित हिंसा और दमन के कारण कई बलोच कार्यकर्ताओं को शरणार्थी के रूप में जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कई बलोच कार्यकर्ताओं ने विदेशों में शरण ली है, जबकि कई लोग ईरान के बलोच इलाकों में शरणार्थियों की तरह रह रहे हैं। इसी बीच बलोच नेशनल मूवमेंट के केंद्रीय कार्यकर्ता डॉक्टर अब्दुल रशीद आरिफ नोकप की हत्या का उदाहरण सामने आया है।

डॉक्टर अब्दुल रशीद पाकिस्तानी राज्य के अत्याचारों के कारण अपने रिश्तेदारों के घर शरणार्थी के रूप में रह रहे थे। शरणार्थी के रूप में रहते हुए भी उन्होंने बलोच राष्ट्रीय आंदोलन में अपनी भूमिका निभाई और दूर दराज क्षेत्र में क्लिनिक खोलकर चिकित्सा सेवाएं दीं।

शम सर घटना और सामूहिक सजा देने का गंभीर आरोप

शोलान बलोच ने आरोप लगाया कि डॉक्टर अब्दुल रशीद के परिवार को डराने के लिए सामूहिक सजा का शिकार बनाया गया। उन्होंने शम सर घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया, जिसमें पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने पूरे बलोच परिवार को निशाना बनाकर मार डाला था।

बयान में कहा गया कि कई परिवारों के रिश्तेदारों की हत्या करके और उनके घरों को जलाकर सामूहिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। अपनी ही धरती पर शरणार्थी के रूप में रहने वाले बलोच कार्यकर्ताओं की हत्या को शोलान बलोच ने युद्ध अपराध करार दिया है।

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अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से बलोच शरणार्थियों की सुरक्षा और न्याय की मांग

BSO आजाद की प्रवक्ता ने डॉक्टर अब्दुल रशीद बलोच और अन्य बलोच कार्यकर्ताओं के बलिदान को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों और शरणार्थी जीवन के बावजूद बलोच कार्यकर्ता अपने राष्ट्रीय आंदोलन से लगातार जुड़े रहे हैं।

शोलान बलोच ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से बलोच शरणार्थियों को आधिकारिक मान्यता देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने वैश्विक समुदाय से बलोच जनसंहार को रोकने तथा पाकिस्तान सरकार को इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की मांग की।

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