BRICS 2026 Summit: सम्मेलन में आज दूसरे दिन शामिल होंगे एस जयशंकर, दुनिया के 10 बड़े नेताओं से होगी खास मुलाकात

BRICS 2026 Summit: ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन विदेश मंत्री एस जयशंकर 10 देशों के मंत्रियों से मिल रहे हैं। वे ब्रिक्स की चार खास प्राथमिकताओं और 20 वर्षों के सफर पर चर्चा करेंगे।
BRICS 2026 Summit: Jaishankar Meets Foreign Ministers At BRICS Emphasizing Four Priorities
ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में कई देशों के विदेश मंत्री (सोर्स-सोशल मीडिया)
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BRICS 2026 Summit Diplomatic Roadmap: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आज दूसरा दिन है और इस दौरान तीसरा अहम सत्र आयोजित किया जा रहा है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर इस सम्मेलन में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे आज अलग-अलग देशों के अपने समकक्षों के साथ कई खास और अहम द्विपक्षीय बैठकें करने वाले हैं। अपनी इन बैठकों के अलावा डॉ. जयशंकर आज सभी देशों के नेताओं के लिए एक विशेष डिनर भी होस्ट करेंगे।

इस खास ब्रिक्स समिट के दौरान भारत कूटनीतिक रूप से अपनी स्थिति को और भी ज्यादा मजबूत कर रहा है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने समिट के भव्य उद्घाटन समारोह में सभी उपस्थित नेताओं को संबोधित किया था। इस बड़े संबोधन के बाद उन्होंने ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों के साथ एक बहुत अहम बैठक भी की थी। इस बैठक में संगठन के पिछले 20 वर्षों के सफर, उसकी उपलब्धियों और भविष्य की सही दिशा पर चर्चा हुई।

10 देशों के विदेश मंत्रियों से खास मुलाकात

विदेश मंत्री एस जयशंकर आज कुल 10 देशों के मंत्रियों के साथ अपनी खास द्विपक्षीय मीटिंग करने वाले हैं। इसमें दोपहर 2.30 बजे मलेशिया, 3.00 बजे संयुक्त अरब अमीरात और 3.05 पर बेलारूस के मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा 3.10 पर सऊदी अरब और 3.15 पर कजाकिस्तान के उपविदेश मंत्री से भी उनकी अहम मुलाकात होगी।दोपहर 3.20 बजे नाइजीरिया के स्थायी सचिव और 3.25 पर उज्बेकिस्तान के उपविदेश मंत्री के साथ बैठक होगी। इसके ठीक बाद 3.30 पर वियतनाम और 3.45 पर क्यूबा के विदेश मंत्री से उनकी अहम द्विपक्षीय चर्चा होगी। अंत में शाम 4.15 बजे युगांडा के विदेश मंत्री के साथ मिलकर वे इस बैठकों के लंबे दौर का समापन करेंगे।

20 वर्षों के अनुभव और सहयोग से बन रहा मजबूत भविष्य

डॉ. जयशंकर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों के लंबे अनुभव को ध्यान में रखकर भविष्य की दिशा तय हो रही है। साझेदार देशों की मजबूत मौजूदगी ने हमारे सभी सामूहिक प्रयासों को बहुत ज्यादा और भी मजबूत कर दिया है। हमारी यह सामूहिक ताकत ब्रिक्स को बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुकूल और अधिक प्रभावी बना सकती है।

विदेश मंत्री ने साफ कहा कि समय के साथ पूरी दुनिया में ब्रिक्स का दायरा और महत्व दोनों काफी बढ़े हैं। यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं की एक बहुत ही समावेशी और संतुलित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की इच्छा को दर्शाता है। ब्रिक्स ने अपना अहम विस्तार किया है, लेकिन इसका मुख्य ध्यान लोगों के विकास पर ही केंद्रित रहा है।

चार प्राथमिकताओं पर बोले एस जयशंकर

एस जयशंकर ने भविष्य के लिए मजबूती, नवाचार, सहयोग और स्थिरता नाम की चार प्राथमिकताएं भी तय की हैं। मजबूती के तहत सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और जलवायु के अनुकूल बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर काम होगा। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए यूथ स्टार्टअप प्लेटफॉर्म और साइंस एंड रिसर्च रिपॉजिटरी जैसी बड़ी पहल की गई हैं।

सहयोग को बढ़ाने के लिए ब्रिक्स MSME कनेक्ट पोर्टल और स्वास्थ्य क्षेत्र में कई नई पार्टनरशिप शुरू की गई हैं। इन सभी बेहतरीन और कारगर पहलों से जमीनी स्तर पर बहुत ही ठोस और अच्छे परिणाम मिलने की पूरी उम्मीद है। वहीं स्थिरता के लिए स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास के अहम रास्तों पर बहुत ही ज्यादा ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

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