

Bangladesh University Violence: बांग्लादेश में हाल ही में संपन्न हुए 13वें संसदीय चुनाव के परिणामों के बाद देश एक बार फिर हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता की चपेट में है। चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रचंड जीत के बाद पार्टी की छात्र इकाई जतियोताबादी छात्र दल पर कई प्रमुख विश्वविद्यालयों के परिसरों और हॉस्टलों पर अवैध कब्जा करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिंसा की ये घटनाएं देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों जैसे ढाका यूनिवर्सिटी, राजशाही यूनिवर्सिटी और जहांगीरनगर यूनिवर्सिटी में देखी गई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित छात्रों का आरोप है कि छात्र दल के कार्यकर्ताओं ने हॉस्टल के कमरों पर तालाबंदी कर दी और विपक्षी दलों, विशेषकर जमात-ए-इस्लामी और अन्य छोटे संगठनों से जुड़े छात्रों का सामान कमरे से बाहर फेंक दिया। कई छात्रों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उन्हें रातों-रात हॉस्टल से निकाल दिया गया और चेतावनी दी गई कि अब कैंपस में केवल बीएनपी समर्थक ही रहेंगे।
बीएनपी नेतृत्व ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी के एक प्रवक्ता का दावा है कि वे केवल 'सुरक्षा और व्यवस्था' बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले शासन के दौरान अवामी लीग की छात्र इकाई (छात्र लीग) ने कैंपस में आतंक मचाया था और अब वे एक 'शांतिपूर्ण वातावरण' सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके विपरीत, जमात-ए-इस्लामी की छात्र इकाई 'इस्लामी छात्र शिबिर' ने इस कार्रवाई को 'फासीवादी कदम' बताते हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी को 212 सीटें मिली हैं जबकि जमात-ए-इस्लामी को 76 सीटें प्राप्त हुई हैं। इस नए सत्ता संतुलन ने छात्र राजनीति में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। कैंपस पर नियंत्रण की इस लड़ाई में अब तक दर्जनों छात्र घायल हो चुके हैं और कई स्थानों पर पुलिस के साथ तीखी झड़पें भी हुई हैं। इस हंगामे के कारण शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं और छात्रों के बीच से परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग उठने लगी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी बांग्लादेश में चुनाव के बाद बढ़ती इस हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की है।