

Bangladesh General Waker UZ Zaman Turkey Visit: बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां शनिवार को तुर्की की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा के लिए ढाका से रवाना हो गए हैं। यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसे बांग्लादेश के सैन्य आधुनिकीकरण के बड़े लक्ष्य के तौर पर भी देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जनरल जमां की इस यात्रा का मुख्य एजेंडा तुर्की से आधुनिक सैन्य हार्डवेयर और रक्षा उपकरणों की खरीद को अंतिम रूप देना है। बांग्लादेश सेना पिछले कुछ समय से अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए तुर्की के रक्षा निर्माताओं पर काफी भरोसा जता रही है।
इस दौरे के दौरान आर्टिलरी गन, आर्टिलरी गोला-बारूद, छोटे हथियार और विशेष रूप से तुर्की के प्रसिद्ध बायराक्टर मानवरहित हवाई वाहन की खरीद पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है। ये ड्रोन आधुनिक युद्धक्षेत्र में गेम-चेंजर माने जाते हैं और बांग्लादेश इन्हें अपनी सेना में शामिल करने के लिए काफी उत्सुक है।
जनरल जमां का यह दौरा कूटनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में है। गौरतलब है कि बांग्लादेशी सेना प्रमुख की यह यात्रा पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के तुर्की दौरे के ठीक एक सप्ताह बाद हो रही है।
मुनीर ने भी हाल ही में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात कर रक्षा सहयोग पर चर्चा की थी। ऐसे में दक्षिण एशियाई देशों का तुर्की की ओर बढ़ता झुकाव इस क्षेत्र में रक्षा आपूर्ति के नए केंद्रों के उभार का संकेत दे रहा है।
'फोर्स गोल' बांग्लादेश अपनी सेना के व्यापक आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत कई स्रोतों से सैन्य उपकरण हासिल करने की कोशिश कर रहा है। जनरल जमां, जिनका कार्यकाल अब लगभग 11 महीने बचा है अपने कार्यकाल के दौरान कुछ बड़े और ठोस रक्षा समझौते करना चाहते हैं। उनके आधिकारिक डेलीगेशन में पत्नी और छह अन्य सदस्य शामिल हैं, जो टर्किश एयरलाइंस की उड़ान TK-713 से अंकारा पहुंचे हैं।
यह सहयोग केवल हथियार खरीदने तक सीमित नहीं है। जानकारों का कहना है कि इस यात्रा के दौरान सैन्य प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और रक्षा-उद्योग से जुड़े साझा प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की जाएगी। बांग्लादेश की योजना नए आर्मर्ड प्लेटफॉर्म विकसित करने, बैटलफील्ड मोबिलिटी सिस्टम को अपग्रेड करने और अपनी आर्टिलरी को और घातक बनाने की है।
हाल के वर्षों में तुर्की, बांग्लादेश के लिए एक प्रमुख डिफेंस पार्टनर बनकर उभरा है। ढाका और अंकारा के बीच बढ़ते ये संबंध इस बात का प्रमाण हैं कि बांग्लादेश अब पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं से इतर अपनी रक्षा जरूरतों के लिए नए विकल्पों की तलाश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरे के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे बांग्लादेश की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी।