

Panama FM Javier Martinez Acha India Visit: भारत और पनामा के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से पनामा गणराज्य के विदेश मंत्री जेवियर एडुआर्डो मार्टिनेज-आचा वास्केज रविवार को पांच दिवसीय आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे। इस उच्च-स्तरीय यात्रा का मुख्य लक्ष्य दोनों देशों के बीच आपसी हितों के क्षेत्रों में साझेदारी को और अधिक प्रगाढ़ बनाना है।
नई दिल्ली पहुंचने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पनामा के विदेश मंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि भारत और पनामा के बीच एक करीबी साझेदारी है, जो साझा मूल्यों, आपसी हितों और गहरी सद्भावना पर आधारित है।
पनामा के विदेश मंत्री का यह दौरा 19 से 23 जुलाई तक निर्धारित है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार, वाणिज्य, कनेक्टिविटी और डिप्लोमैटिक जुड़ाव का एक स्पष्ट संकेत है।
अपने कार्यक्रम के तहत, मार्टिनेज-आचा सोमवार को नई दिल्ली स्थित न्यू पार्लियामेंट बिल्डिंग में भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे। इस बैठक का प्राथमिक उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के रास्तों पर चर्चा करना है।
इसके बाद, वह हैदराबाद हाउस में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ डेलीगेशन स्तर की वार्ता का नेतृत्व करेंगे। इस संवाद के दौरान भारत-पनामा संबंधों के सभी प्रमुख पहलुओं की समीक्षा की जाएगी और आपसी सहयोग के लिए नए क्षेत्रों की पहचान किए जाने की उम्मीद है।
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अपनी यात्रा के अगले चरण में, मेहमान विदेश मंत्री बुधवार को केंद्रीय पोर्ट्स, शिपिंग और वॉटरवेज मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से समुद्री सहयोग, लॉजिस्टिक्स और पोर्ट डेवलपमेंट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
पनामा नहर की वैश्विक स्थिति को देखते हुए, भारत के लिए पनामा के साथ समुद्री कनेक्टिविटी को मजबूत करना सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह महत्वपूर्ण दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच राजनयिक गतिविधियां तेज हुई हैं। हाल ही में पनामा में भारत के राजदूत सुमित सेठ ने भी विदेश मंत्री मार्टिनेज-आचा से मुलाकात की थी और द्विपक्षीय साझेदारी को गहरा करने पर विचार-विमर्श किया था।
भारत और पनामा के संबंध न केवल व्यापार और निवेश पर टिके हैं, बल्कि इनके मूल में साझा लोकतांत्रिक मूल्य और पारस्परिक सम्मान की भावना निहित है। विशेषज्ञ इस यात्रा को विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करने वाला मान रहे हैं।