अंगूठे पर स्याही, दो पर्ची...भारत के चुनाव से कितना अलग है बांग्लादेश का चुनाव? जानें सब कुछ

Bangladesh Election News: बांग्लादेश में 299 संसदीय सीटों के लिए मतदान शुरू हुआ। मतदाता दो पर्चियों पर वोट दे रहे हैं, अंगूठे पर स्याही लगी है। शेख हसीना और खालिदा जिया चुनाव में नहीं हैं।
Bangladesh Election 2026
बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए मतदान आज (सोर्स- सोशल मीडिया)
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2026 Bangladesh Election: बांग्लादेश में आज 299 संसदीय सीटों के लिए मतदान शुरू हो गया है। भारत की तरह बांग्लादेश में भी संसदीय चुनाव प्रणाली है, लेकिन इस बार चुनाव के दौरान कुछ अनोखी और रोचक घटनाएं सामने आई हैं। हर मतदाता को दो पर्चियां दी जा रही हैं और उनके अंगूठे पर स्याही लगाई जा रही है। आइए जानते हैं चुनाव से जुड़ी कुछ खास बातें।

दो पर्चियों पर वोटिंग

बांग्लादेश में हर मतदाता को दो बैलेट पेपर दिए जा रहे हैं। पहली पर्ची पर उम्मीदवारों के नाम और उनके चुनाव चिन्ह हैं, जिस पर मतदाता को मुहर लगानी होती है। जबकि, दूसरी पर्ची जनमत संग्रह (रेफरेंडम) की है। इसमें लोगों से पूछा जा रहा है कि वे जुलाई चार्टर के पक्ष में हैं या नहीं। यह चार्टर राष्ट्रपति की शक्तियों को बढ़ाने जैसे बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखता है। बीएनपी इसके खिलाफ है, जबकि जमात ए इस्लामी और नेशनल सिटीजंस पार्टी इसके पक्ष में हैं।

 बांग्लादेश चुनाव की प्रमुख बातें

  • इस चुनाव में कुल 2,000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं।
  • मतदान 12 फरवरी को समाप्त होने के बाद मतगणना होगी।
  • जुलाई 2025 में शेख हसीना का तख्तापलट हुआ था, जिसके बाद अगस्त 2025 में मोहम्मद युनूस अंतरिम प्रधानमंत्री बने।

अंगूठे पर लगाई जाती है स्याही

बांग्लादेश में हर मतदाता के अंगूठे पर नीली स्याही लगाई जा रही है। भारत में आम तौर पर स्याही बीच की उंगली में लगती है। पोलिंग बूथ के बाहर कई मतदाताओं ने मतदान के बाद अंगूठे पर स्याही दिखाई।

अनोखे मतदान दृश्य

जानकारी के मुताबिक, इस बार कई लोग डीजल ट्रेनों की छत पर बैठकर मतदान करने पहुंचे। इस तरह की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

 हसीना और खालिदा जिया के बिना पहला चुनाव

करीब चार दशकों बाद यह पहला चुनाव है जिसमें बांग्लादेश की दो सबसे प्रभावशाली महिलाएं चुनावी मैदान से बाहर हैं। पहली है अवामी लीग की प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना जो तख्तापलट के बाद देश से बाहर हैं और उनकी पार्टी अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोका गया है। वहीं बीएनपी की नेता और कई बार प्रधानमंत्री रह चुकीं खालिदा जिया हाल ही में निधन हो चुकी हैं।

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