तेहरान के बाद वाशिंगटन जाएंगे आसिम मुनीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Asim Munir Will Visit Washington After Tehran: पाकिस्तान दुनिया भर में अराजकता और आतंकवाद के लिए जाना जाता है, अब ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की मध्यस्थता करने की कोशिश में है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर (Asim Munir) इस समय तेहरान में हैं, जहां वह ईरानी अधिकारियों से बैठक कर रहे हैं। इसके बाद वह सीधे वाशिंगटन जाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बीच अलजजीरा मीडिया ने दावा किया है कि मुनीर के तेहरान दौरे के बाद वह वाशिंगटन उड़ान भरेंगे, जहां वह अमेरिका के अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे।
ईरान और अमेरिका के बीच पहली शांति वार्ता 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई थी, लेकिन यह वार्ता असफल रही। 21 घंटे तक चली इस बैठक के बावजूद, कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधि मंडल के बीच तनावपूर्ण माहौल बना रहा, और दोनों पक्ष एक दूसरे को दोषी ठहराते हुए अपने-अपने देश लौट गए। यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका था, क्योंकि वह इस वार्ता को सफल बनाने के लिए मध्यस्थता कर रहा था।
पाकिस्तान का मुख्य उद्देश्य ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता कराकर अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को सुधारना है। पाकिस्तान ने यह रणनीति अपनाई है ताकि वह वैश्विक मंच पर एक विश्वसनीय और जिम्मेदार देश के रूप में उभरे और इसके परिणामस्वरूप उसे वित्तीय सहायता प्राप्त हो सके। पाकिस्तान को पहले दौर की वार्ता के तुरंत बाद सऊदी अरब और कतर से 5 अरब डॉलर की मदद मिल चुकी है, और अब उसकी नजर ओमान जैसे देशों पर है, जो उसे अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे सकते हैं।
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर (Asim Munir) बुधवार से तेहरान में हैं, जहां उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से उच्चस्तरीय वार्ता की। उनका मुख्य उद्देश्य ईरान और अमेरिका के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता को पुनः शुरू करना है, जो पिछली बैठक में बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई थी। मुनीर की यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करना और सीजफायर को मजबूत बनाना है।
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हालांकि, पाकिस्तान की भूमिका को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं, खासकर तब जब उसके अपनी घरेलू समस्याओं और आतंकवादी गतिविधियों के लिए आलोचना होती रहती है। फिर भी, पाकिस्तान ने अपने इस कदम से वैश्विक कूटनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश की है, और अब उसकी निगाहें अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की वार्ता पर हैं।