

Pakistan News In Hindi: भारत के कथित ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान के फील्ड मार्शल और आर्मी चीफ असीम मुनीर को लेकर देश में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों में मुनीर को आर्मी हेडक्वॉर्टर के भीतर बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे बैठकर जवानों को संबोधित करते देखा जा सकता है। इसके अलावा, सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों में उनके बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने की खबरों ने भी पाकिस्तान में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है।
पाकिस्तान के भीतर सवाल उठ रहे हैं कि अगर देश का शीर्ष सैन्य अधिकारी अपने ही आर्मी हेडक्वॉर्टर में पूरी तरह सुरक्षा घेरे में रहने को मजबूर है, तो वह भारत से संभावित युद्ध की अगुवाई कैसे करेगा। आम लोगों से लेकर पत्रकारों और राजनीतिक विश्लेषकों तक कई लोग इस असाधारण सुरक्षा व्यवस्था को डर और असुरक्षा का संकेत बता रहे हैं।
इस बीच, पाकिस्तानी मीडिया में यह भी दावा किया जा रहा है कि असीम मुनीर को जान से मारने की धमकियां मिली हैं जिसके बाद उनकी सुरक्षा अचानक बढ़ा दी गई। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी गाड़ी को बम से उड़ाने की धमकी का इनपुट मिला था जो ऐसे स्रोत से आया जिस पर उनका सीधा नियंत्रण नहीं है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान की सीनियर पत्रकार आरजू काजमी ने भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हालिया राजनीतिक भाषणों और बयानों के बीच आर्मी चीफ को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। कराची में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के संबोधन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में सैन्य नेतृत्व पर दबाव साफ दिख रहा है।
इतिहास का जिक्र करते हुए कई लोग पूर्व पाकिस्तानी सैन्य शासक जिया उल हक की बम विस्फोट में हुई मौत की याद दिला रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में यह चर्चा भी तेज है कि असीम मुनीर कहीं बंकरनुमा सुरक्षा व्यवस्था में तो नहीं रह रहे। सोशल मीडिया पर मीम्स और टिप्पणियों के जरिए लोग उन्हें 'डरा हुआ फील्ड मार्शल' तक कह रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों और राजनीतिक अस्थिरता को भी उजागर करती है। जिस तरह से मुनीर की सार्वजनिक गतिविधियां सीमित हुई हैं और हर बैठक में सुरक्षा सर्वोपरि रखी जा रही है, उससे देश में सैन्य नेतृत्व की छवि और भरोसे पर असर पड़ता दिख रहा है। भारत को पहले कड़े बयान देने वाले पाकिस्तानी सेना प्रमुख की मौजूदा स्थिति अब पाकिस्तान में ही बहस का विषय बन चुकी है।