परमाणु तबाही का खतरा फिर लौट आया, अगली महामारी पर भी UN महासचिव ने दी चेतावनी, वन हेल्थ के बताए मायने

Antonio Guterres Nuclear Warning: UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने परमाणु तबाही के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। महामारी को लेकर कहा कि कोई देश अकेले इससे सुरक्षित नहीं रह सकता।
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एंटोनियो गुटेरेससौजन्य-IANS
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Antonio Guterres Pandemic Threat: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने परमाणु और माहामारी को लेकर चिंता जताई। एंटोनियो गुटेरेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “परमाणु तबाही का खतरा फिर लौट आया है। लेकिन हम मुश्किलों को अपने संकल्प को कमजोर नहीं करने दे सकते।"

यूएन महासचिव ने आगे लिखा, "अब समय है कि हम विभाजन के बजाय संवाद, टकराव के बजाय कूटनीति और विनाश के बजाय निरस्त्रीकरण को चुनें। आइए, सभी के लिए एक अधिक सुरक्षित और शांतिपूर्ण दुनिया का निर्माण करें।”

कोई देश अकेले सुरक्षित नहीं

इसके साथ ही एंटोनियो गुटेरेस ने शुक्रवार को कहा कि महामारियों को रोकने, उनसे निपटने की तैयारी करने और उनके खिलाफ कदम उठाने के लिए पूरी दुनिया को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोई भी देश अकेले खुद को महामारियों से सुरक्षित नहीं रख सकता।

कोविड-19 महामारी ने क्या सिखाया?

महामारियों से निपटने पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में गुटेरेस की ओर से संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद ने उनका भाषण पढ़ा। गुटेरेस ने कहा, "कोविड-19 महामारी ने हमें सिखाया कि आपस में जुड़ी इस दुनिया में कोई भी देश अकेले खुद को सुरक्षित नहीं रख सकता। हमने यह सबक लोगों की जान और अर्थव्यवस्था को हुए भारी नुकसान के बाद सीखा।"

उन्होंने कहा कि भविष्य की महामारियों के लिए लंबे समय तक मजबूत तैयारी जरूरी है। यह तैयारी सभी के लिए बराबरी, आपसी सहयोग और देशों के बीच प्रभावी तरीके से मिलकर काम करने पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने विज्ञान का ज्यादा इस्तेमाल करने और स्थानीय समुदायों तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।

फंडिंग की कमी को दूर करना जरूरी

गुटेरेस ने कहा कि फंडिंग की भारी कमी को दूर करना भी जरूरी है। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी देशों के पास स्थानीय स्तर पर बीमारी का पता लगाने, उस पर नजर रखने, जानकारी साझा करने और उसे फैलने से रोकने के लिए पर्याप्त पैसा और मजबूत व्यवस्था हो।

उन्होंने कहा, "जब समुदाय सुरक्षित होते हैं, तो हम सभी सुरक्षित होते हैं। मैं सरकारों से अपील करता हूं कि वे अपने वादों को पूरा करने और लोगों की जान बचाने के लिए लगातार और लंबे समय तक जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएं।"

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UN सचिव ने बताया 'वन हेल्थ' के क्या है मायने?

एंटोनियो गुटेरेस ने 'वन हेल्थ' यानी 'एक स्वास्थ्य' के नजरिए को सही मायने में अपनाने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि इंसानों की सेहत प्राकृतिक पर्यावरण, पेड़-पौधों और जानवरों की सेहत से बहुत करीब से जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा, "हमें यह बेहतर तरीके से समझना होगा कि इंसानों का प्राकृतिक दुनिया के साथ किस तरह का संबंध है और बीमारी के प्रकोप को इंसानों तक पहुंचने से पहले रोकने के तरीके तलाशने होंगे।"

गुटेरेस ने देशों के बीच बराबरी पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी देशों को लोगों की जान बचाने वाले जरूरी साधनों तक पहुंच मिलनी चाहिए। यह न केवल न्याय की बात है, बल्कि बीमारी के प्रकोप को काबू करने का एक असरदार तरीका भी है।

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अब समय बर्बाद करने की गुंजाइश नहीं

यूएन महासचिव ने कहा कि जिस रोगजनक यानी 'पैथोजन' तक पहुंच और उससे मिलने वाले फायदों को साझा करने की व्यवस्था पर बातचीत चल रही है, वह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महामारी समझौते की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि अब समय बर्बाद करने की कोई गुंजाइश नहीं है।

गुटेरेस ने कहा, "अगली महामारी आएगी या नहीं, सवाल यह नहीं है। सवाल यह है कि वह कब आएगी। वह हमारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और एक-दूसरे के प्रति हमारी जिम्मेदारी की परीक्षा लेगी। आज की आपकी चर्चा से सीख लेते हुए हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जब यह परीक्षा आए, तो हम सभी इसमें कामयाब हों।"

- एजेंसी इनपुट के साथ

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