ईरान पर सबसे घातक बम गिराने की तैयारी; जमीन से 200 फीट नीचे जाकर फटता है, मचा सकता है भोपाल गैस कांड से भी भयानक तबाही!
इजराइल ईरान युद्ध में न्यूक्लियर वॉर का खतरा मंडराने लगा है। अमेरिका ने ईरानी न्यूक्लियर फैसेलिटी फोर्डों पर सुपर बम से हमले की तैयारी कर ली है। यह बम भोपाल गैस कांड त्रासदी से बड़ी तबाही मचा सकता है।
- Written By: आकाश मसने
जीबीयू- 57 ए/बी या मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर बम (सोर्स: सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: अगर अमेरिका अपने सबसे बड़े बंकर बस्टर बम को ईरान की फोर्डो न्यूक्लियर फैसेलिटी पर गिराता है, तो यह बड़ी तबाही का सबब बन सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर फोर्डो तबाह होता है और रेडिएशन फैलता है तो भोपाल गैस कांड से कई गुना अधिक लोगों की जान जा सकती है और बड़ी संख्या में लोग बीमार भी पड़ सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रोसी ने एक बयान जारी कर परमाणु ठिकानों पर हमलों के खतरों के बारे में चेतावनी दी, जिसमें परमाणु प्रदूषण का जोखिम भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों से परमाणु सुरक्षा, संरक्षा और निरीक्षण पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। साथ ही यह क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए भी खतरा है। इजराइल ने फोर्डो पर पहले ही एक हमला किया है। आईएईए ने कहा कि इससे संवर्धन संयंत्र को कोई नकसान नहीं हुआ है।
जमीन के 200 फीट नीचे जाकर फटता है बंकर बस्टर
ईरान पर इजराइल के हमले का उद्देश्य उसके परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करना था, जिसमें वह सफल तो रहा, लेकिन पूरी तरह से ईरान की क्षमता को नष्ट नहीं कर सका। क्योंकि ईरान की मुख्य नाभिकीय फैसेलिटी जमीन के करीब 90 मीटर नीचे है। इससे यह अटकलें लगने लगी है कि क्या अमेरिका इसे नष्ट करने के लिए अपने सबसे शक्तिशाली हथियारों में से एक का उपयोग करेगा।
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ईरान के पास साढ़े तीन साल तक युद्ध लड़ने की क्षमता दिखाती है कि वह आत्मरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। अमेरिका और इज़रायल को इसे चेतावनी नहीं, शांति के लिए एक मजबूत संदेश समझना चाहिए। pic.twitter.com/kinO4Zf6uI — Hansraj Meena (@HansrajMeena) June 18, 2025
इजराइली सरकार का आरोप है कि ईरान परमाणु बम बनाने के बेहद करीब है और ऐसा माना जाता है कि इसके लिए आवश्यक समृद्ध यूरेनियम ईरान के उत्तर-पश्चिम में एक पर्वत के अंदर स्थित फोर्डो में तैयार और संग्रहित किया जा रहा है। इस तक पहुंचने और उसमें मौजूद सेंट्रीफ्यूज को नुकसान पहुंचाने के लिए अमेरिका के जीबीयू-57 ए/बी मेसिव ऑर्डनेंस पेनिट्रेटर बम (जिसे आमतौर बंकर बस्टर कहा जाता है) की जरूरत होगी। यह बम जमीन या कंक्रीट को भेदकर किसी भी तहखाने को उड़ा सकता है।
जानिए जीबीयू-57 ए/बी के बारे में
- 200 फीट यानी 6 मीटर लंबा है यह बम
- 30000 पाउंड यानी 13600 किलो है इसका वजन
- 5,000 पाउंड विस्फोटक सामग्री होती
फोर्डो को तबाह करने के लिए एक बम काफी नहीं
यह संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका एक लंबी दूरी की हवाई हमला योजना पर विचार कर रहा है। इसका अंदाजा 31 से अधिक ईंधन भरने वाले अमेरिकी विमानों की गतिविधियों से मिला है। ये विमान लगातार उड़ान भर रहे हैं।
रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट थिक टैंक के विशेषज्ञ जस्टिन ब्रोंक ने कहा कि फोर्डो को पूरी तरह नष्ट करने के लिए कई हमलों की आवश्यकता होगी, जिसमें दूसरा बम पहले बम द्वारा बनाए गए गट्टे के भीतर गिराना होगा। बी-2 बॉम्बर दो बंकर-बस्टिंग बम ले जा सकता है, लेकिन फोर्डो को समाप्त करने के लिए एक से अधिक बी-2 बॉम्बर की जरूरत होगी, डिएगो गार्सिया पर इस समय छह बी-2 बॉम्बर्स मौजूद हैं।
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6 हजार मील जा सकता है एक बार में
- यह बॉम्बर 6,000 मील तक बिना ईंधन भरवाए जा सकता है। लेकिन ये आमतौर पर कुछ चुनिंदा ठिकानों से ही संचालित होते हैं।
- ये हैं व्हाइटमैन (मिसौरी), फेयरफोर्ड (ग्लॉस्टरशायर) और विशेष रूप से डिएगो गार्सिया जो दक्षिणी हिंद महासागर में एक अलग-थलग द्वीप है, जिसे यूके ने मॉरीशस से लीज पर लेकर अमेरिका को दिया है।
- डिएगो गार्सिया से ईरान के फोर्डो तक की दूरी सिर्फ 3,200 मील है। इसलिए वहां जाने पर बी-2 को वापसी में एक बार ईंधन भरने की जरूरत होगी। इन्हें ईरान पहुंचने में 15 घंटे लगेंगे।
- पिछले अक्टूबर में वी-2 बॉम्बर्स ने व्हाइटमैन से 8,000 मील दूर से यमन में हुती विद्रोहियों की पांच भूमिगत हथियार सुविधाओं पर हमला किया था।
