अमेरिका-ईरान-इजराइल जंग के 11वें दिन हालात हो गए बेकाबू (सोर्स-सोशल मीडिया)
America Israel Iran War Updates: मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब अपने 11वें दिन और भी भीषण हो गई है। दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं हैं और ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हाल में सीजफायर नहीं चाहता। जंग की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी और तब से अब तक हजारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और अर्थव्यवस्था डगमगा गई है। पूरी दुनिया की नजरें अब होर्मुज स्ट्रेट पर टिकी हैं क्योंकि वहां से होने वाली तेल सप्लाई पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
ईरान ने दुनिया के 20 प्रतिशत तेल के रास्ते यानी होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने और ऑयल टैंकरों पर हमले शुरू कर दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि अगर तेल का फ्लो रुका तो अमेरिका ईरान को 20 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा। जवाब में ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड ने कहा है कि वे दुश्मन देश को यहां से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं ले जाने देंगे।
युद्ध शुरू होने के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में 24 प्रतिशत का उछाल आया है और ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। सऊदी अरामको के सीईओ ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई रुकी तो गैसोलीन और जेट फ्यूल की कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संकट लंबा चला तो पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बेहद बुरा और गंभीर असर देखने को मिलेगा।
मंगलवार को ईरान ने बहरीन, सऊदी अरब और कुवैत जैसे देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दागकर अमेरिका और इजराइल पर दबाव बनाया है। बहरीन में एक रिहायशी इमारत पर हुए हमले में 29 साल की महिला की जान चली गई, जबकि ईरान में अब तक 1300 से ज्यादा मौतें हुई हैं। इजराइल ने भी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया है और लोगों से दक्षिण लेबनान को खाली करने की अपील की है।
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इस भीषण जंग के बीच अब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी दस्तक दी है और डोनाल्ड ट्रंप से करीब एक घंटे तक फोन पर बात की है। पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन से भी संपर्क कर तनाव कम करने और इसे राजनीतिक तरीकों से सुलझाने की अपील की है। रूस ने साफ किया है कि वह अपने भरोसेमंद पार्टनर्स को तेल और गैस देता रहेगा, लेकिन सप्लाई में रुकावट का खतरा बढ़ गया है।