

Plane Crash In Alaska: अमेरिका के अलास्का के दुर्गम और दूरदराज इलाके में आठ लोगों को लेकर जा रहा एक ट्विन-इंजन सेसना चार्टर विमान गुरुवार दोपहर को अचानक दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस बड़े विमान हादसे के समय क्षेत्र में गंभीर रूप से प्रतिकूल मौसम होने की आशंका जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विमान में दो अनुभवी पायलट और छह यात्री सवार थे जो केप न्यूएनहैम की तरफ जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और अलास्का रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर की टीमों ने मिलकर इस दुर्गम इलाके में तत्काल खोज अभियान शुरू किया है।
संघीय अधिकारियों ने बताया कि इस चार्टर विमान ने एंकरेज इलाके से अपनी उड़ान भरी थी। लेकिन उड़ान के कुछ समय बाद गुरुवार दोपहर को यह केप न्यूएनहैम इलाके में रडार से अचानक गायब हो गया। विमान के रडार से गायब होते ही विमानन अधिकारियों और कंट्रोल रूम में हड़कंप मच गया।
विमान के लापता होने की सूचना तुरंत ही स्थानीय आपातकालीन सेवाओं को दी गई। National Transportation Safety Board (NTSB) के अलास्का क्षेत्रीय प्रमुख क्लिंट जॉनसन ने बताया कि विमान पश्चिमी अलास्का के दुर्गम इलाके में रडार से ओझल हुआ है, जहां पहुंचने के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
हादसे की सूचना मिलने के बाद अलास्का रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर ने तुरंत इस क्षेत्र में खोजी अभियान शुरू कर दिया। केप न्यूएनहैम लॉन्ग रेंज रडार साइट के पास का यह पूरा इलाका भौगोलिक रूप से बहुत पहाड़ी है। इसी वजह से राहत और बचाव दलों को मलबे तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ स्रोतों का कहना है कि विमान में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई है। हालांकि, स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी तक मरने वालों पर कोई अंतिम बयान जारी नहीं किया है। वे स्थिति का आकलन कर रहे हैं ताकि सही कूटनीतिक विवरण मिल सके।
विमान के इस तरह अचानक दुर्घटनाग्रस्त होने की मुख्य वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। विमानन नियामक एजेंसी एनटीएसबी ने घटना की जांच शुरू कर दी है। जांच दल अब विमान के पुराने रूट, मौसम के रिकॉर्ड और विमान की तकनीकी स्थिति से जुड़े सभी आंकड़ों को इकट्ठा करने में जुट गया है।
स्थानीय लोग इस बात को लेकर संशय में हैं कि क्या सेसना विमान में अचानक कोई तकनीकी खराबी आ गई थी। अलास्का के इन सुदूर और बेहद ठंडे इलाकों में अचानक बदलने वाला मौसम हमेशा से हवाई उड़ानों के लिए एक बड़ा खतरा रहा है, जिससे कूटनीतिक स्तर पर चिंता बनी रहती है।