

Illegal Sand Mining News Sehore: सीहोर जिले के डीमावर क्षेत्र में अवैध उत्खनन को लेकर राजस्व और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर संगीन सवालों के घेरे में है। अधिकारियों की संदेहास्पद अनदेखी कहें या सड़क ठेकेदारों से साठगांठ, विभाग ने कार्रवाई के नाम पर केवल लीपापोती की है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय जनता अब खुलकर सवाल उठा रही है कि प्रशासनिक तंत्र का इन ठेकेदारों के साथ आखिर क्या सौदा हुआ है?
ताजा मामले में डीमावर खदान के भीतर रोड ठेकेदार की हरे रंग की पोकलेन/जेसीबी मशीन खुलेआम अवैध उत्खनन में लगी हुई थी। कार्रवाई की भनक लगते ही ठेकेदार ने चालाकी से हरी मशीन को खदान से निकालकर अपने रोड प्लांट पर सुरक्षित खड़ा कर दिया। हालांकि, वायरल वीडियो साक्ष्यों में यह हरी मशीन अवैध खुदाई करती साफ दिखाई दे रही है। इसके बावजूद, मौके पर पहुंची राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने उस पर हाथ डालना भी मुनासिब नहीं समझा और पास ही एक खलिहान में खड़ी पीले रंग की मशीन को जब्त कर कागजी खानापूर्ति कर ली।
प्रशासनिक मेहरबानी का खेल सिर्फ मशीनों तक सीमित नहीं रहा। खदान से ए आर कंस्ट्रक्शन कंपनी के डंपर भी धड़ल्ले से अवैध रेत का परिवहन और ओवरलोडिंग कर रहे थे। मौके पर मौजूदगी के बावजूद अधिकारियों ने ए.आर कंस्ट्रक्शन के डंपरों पर कोई कार्रवाई नहीं की और उन्हें सुरक्षित निकाल दिया।
क्या अधिकारियों को अब हरा और पीला रंग पहचानना बंद हो गया है या फिर लाखों-करोड़ों के इस खेल में जिम्मेदार महकमे का ईमान बिक चुका है? वीडियो सबूत होने के बाद भी मुख्य आरोपियों, भारी वाहनों और वास्तविक मशीन को बचाकर किसी अन्य मशीन पर कार्रवाई करना विभाग और अवैध खनन माफिया के बीच की गहरी साठगांठ को साफ बयां करता है। स्थानीय निवासियों ने अब इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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