अफ़गान पाकिस्तान सीमा सैन्य तनाव (सोर्स-सोशल मीडिया)
Afghan Pakistan Border Military Tensions: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन पर स्थिति अब बेकाबू होती नजर आ रही है। तालिबान के लड़ाकों ने सीमा पार कर पाकिस्तान की कई सैन्य चौकियों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस भीषण सैन्य टकराव के बाद सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले आम लोगों के बीच भारी दहशत फैल गई है। दोनों देशों के बीच बढ़ती यह तल्खी अब एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप लेती हुई साफ दिखाई दे रही है।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की कुल पांच सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया है। कांधार प्रांत के स्पिन बोल्डक और शोराबक जिलों में तीन चौकियां और खोस्त के अली-शेर में दो और पोस्ट छीनी गई हैं। इस हिंसक झड़प में तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं जबकि एक सैनिक को जिंदा पकड़ने का दावा भी किया गया है।
अफगान बलों ने ये हमले हवाई और जमीनी दोनों रास्तों से काफी सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दिए हैं। तालिबान का कहना है कि यह कार्रवाई पाकिस्तानी सेना द्वारा पश्तून और बलूच नागरिकों के घरों पर किए गए हमलों का जवाब है। सीमा पार से हुई इस अचानक कार्रवाई ने पाकिस्तानी सुरक्षा व्यवस्था की कमियों को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
तालिबान के खुफिया अधिकारी जबर नोमानी ने पश्तून और बलूच निवासियों को पाकिस्तानी सेना की चालों से सतर्क रहने को कहा है। उनका आरोप है कि पाक सेना नागरिकों के घरों पर हमले कर इसका दोष अफगान तालिबान पर मढ़ने की कोशिश कर सकती है। नोमानी ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए अपने परिवारों के साथ विशेष सावधानी बरतें।
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पाकिस्तानी भाड़े की सेना के कमांडरों पर यह आरोप है कि वे अपने बलों को नागरिकों पर मोर्टार चलाने के निर्देश दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में आम जनता के बीच असुरक्षा का भाव बढ़ना स्वाभाविक है, जिससे अफगान अधिकारी भी काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। फिलहाल पाकिस्तान सरकार की ओर से इन गंभीर सैन्य नुकसानों और आरोपों पर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है।
डूरंड लाइन के पास स्पिन बोल्डक और अली-शेर जैसे इलाकों में दोनों ओर से भारी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। ईरान के नेता खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में बढ़ती हिंसा ने वहां की सुरक्षा व्यवस्था को पहले ही हिला दिया है। तालिबान का यह प्रचंड प्रहार पाकिस्तान के लिए एक नई और बहुत बड़ी चुनौती बनकर इस समय सामने खड़ा हो गया है।