दोहा में भारत के खिलाफ रची गई साजिश? हमास और लश्कर कमांडर के बीच हुई मीटिंग
Terror Alliance : लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर फैसल नदीम ने दोहा में हमास नेताओं से मुलाकात की बात कबूल की है। इस खुलासे ने भारत समेत अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
- Written By: रंजन कुमार
आतंकी समूह।
Terror Alliance News: दुनिया के अलग-अलग हिस्सों के आतंकी संगठनों के बीच बढ़ते तालमेल की ओर इशारा करते हुए बड़ा खुलासा सामने आया है। पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के सीनियर कमांडर फैसल नदीम ने पहली बार सार्वजनिक रूप से हमास से संपर्क और उसके शीर्ष नेताओं से मुलाकात की बात कही है।
इस कबूलनामे से भारत समेत अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। अमेरिकी प्रतिबंधित आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल लश्कर और हमास के बीच यह सीधा संपर्क उभरते वैश्विक आतंकी नेटवर्क की ओर संकेत करता है।
हमास नेतृत्व से मुलाकात
एनडीटीवी रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के कमांडर फैसल नदीम ने बताया कि उसने 2024 में कतर की राजधानी दोहा में हमास के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। पीएमएमएल को लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक मुखौटा माना जाता है। फैसल नदीम के अनुसार इस यात्रा में उसके साथ सैफुल्लाह कसूरी था। कसूरी को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड कहा जाता है। नदीम का दावा है कि दोनों की मुलाकात हमास के वरिष्ठ नेता खालिद मशाल से हुई।
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भारतीय एजेंसियों के लिए अहम सबूत
भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह बयान दक्षिण एशिया और मध्य-पूर्व में सक्रिय आतंकी नेटवर्कों के बीच सीधे समन्वय का प्रमाण है। विश्लेषकों के अनुसार यह गठजोड़ लॉजिस्टिक्स, प्रचार और ऑपरेशनल अनुभव साझा करने तक सीमित नहीं रहेगा। यह स्वीकारोक्ति लश्कर और हमास के बीच उभरते रणनीतिक रिश्ते पर प्रकाश डालती है। ये भविष्य में क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
पहले भी सामने आई है नजदीकियों की तस्वीर
इससे पहले हमास के वरिष्ठ कमांडर नाजी जहीर और लश्कर कमांडर राशिद अली संधू की मुलाकात की खबरें आई थीं। ये मुलाकात पाकिस्तान के गुजरांवाला में हुई थी। यह मुलाकात PMML की ओर से आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में हुई, जहां नाजी जहीर मुख्य अतिथि थे। राशिद संधू राजनीतिक नेता की आड़ में शामिल हुआ था। एक वीडियो में दोनों को एक साथ मंच साझा करते देखा गया। सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार इस तरह खुले मंच पर मौजूदगी लश्कर और हमास में बढ़ते भरोसे और गहरे होते रिश्तों को दिखाती है। नाजी जहीर अक्टूबर 2023 के बाद से 15 बार पाकिस्तान जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार की यात्राएं और सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूदगी संकेत हैं कि दोनों संगठन अपने रिश्तों को छिपाने में संकोच नहीं कर रहे।
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अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मामला उठने की संभावना
काउंटर टेररिज्म विशेषज्ञों का कहना है कि हमास और लश्कर-ए-तैयबा अमेरिका समेत कई देशों द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठन हैं। ऐसे में उनके बीच किसी तरह का सहयोग अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है। भारतीय खुफिया तंत्र इस उभरते गठजोड़ पर कड़ी नजर रखे हुए है। अधिकारियों के मुताबिक मामले को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) और अन्य वैश्विक मंचों पर उठाने की संभावना भी तलाशी जा रही है।
