-
शनि, 20 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- West Bengal »
- West Bengal Politics History Three Chief Ministers 1977 2026 Analysis
लाल सलाम से ‘परिवर्तन’ तक, वो 3 दिग्गज जिन्होंने आधी सदी तक चलाई बंगाल की सियासत, क्या 2026 में पलटेगी बाजी?
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में पिछले 49 वर्षों में केवल तीन मुख्यमंत्रियों ने शासन किया। ज्योति बसु से ममता बनर्जी तक, यह सत्ता के लंबे कार्यकाल और राजनीतिक स्थिरता की एक अनोखी गाथा है।

पश्चिम बंगाल का इतिहास, फोटो- सोशल मीडिया
West Bengal Political History: भारत के राजनीतिक मानचित्र पर जब हम विभिन्न राज्यों की ओर देखते हैं, तो अक्सर वहां मुख्यमंत्रियों और सरकारों के बदलने का सिलसिला सामान्य बात लगती है। लेकिन पश्चिम बंगाल इस मामले में पूरे देश के लिए एक रहस्यमयी और अनोखा उदाहरण पेश करता है। साल 1977 से लेकर 2026 तक, यानी पिछले लगभग पांच दशकों में इस राज्य ने केवल तीन मुख्यमंत्री देखे हैं- ज्योति बसु, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ममता बनर्जी।
एक आम नागरिक के लिए यह समझना जरूरी है कि जहां अन्य राज्यों में हर पांच साल में चेहरे बदल जाते हैं, वहीं बंगाल में आखिर ऐसा क्या रहा जिसने दशकों तक सत्ता को सिर्फ तीन हाथों तक सीमित रखा। यह स्थिरता राज्य के विकास, संघर्ष और उसकी राजनीतिक पहचान की एक लंबी दास्तान बयां करती है।
ज्योति बसु का वो दौर जब ‘लाल सलाम’ ने बदली बंगाल की तकदीर
साल 1977 से पहले बंगाल राजनीतिक अस्थिरता और राष्ट्रपति शासन के दौर से जूझ रहा था। लेकिन 1977 में जब वाम मोर्चा सत्ता में आया, तो ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने और अगले 23 सालों तक इस पद पर काबिज रहे। उनके शासन को ग्रामीण बंगाल में ‘स्वर्णकाल’ माना गया क्योंकि उन्होंने ‘ऑपरेशन बर्गा’ जैसे भूमि सुधार लागू कर गरीब किसानों को जमीन का हक दिया और पंचायतों को मजबूत बनाया।
सम्बंधित ख़बरें
महुआ मोइत्रा का बड़ा दांव! राजनाथ सिंह की चिट्ठी शेयर कर मोदी सरकार की तारीफ में पढ़े कसीदे, बगावत की अटकलें
जहांगीर खान की पत्नी गिरफ्तार, पुलिस पर पथराव के बाद से थी फरार; दक्षिण 24 परगना में पुलिस ने दबोचा
आज से PM मोदी का बंगाल दौरा: किसानों के लिए कई बड़ी योजनाओं की सौगात, 3 नौसेनिक जहाजों का करेंगे कमीशन
कोलकाता एयरपोर्ट पर भारी बवाल! अभिषेक बनर्जी के आने से पहले भिड़े TMC और BJP कार्यकर्ता, देखें VIDEO
हालांकि, इसी दौर में राज्य से उद्योगों का पलायन भी शुरू हुआ और बेरोजगारी एक बड़ी समस्या बनकर उभरी। ज्योति बसु के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड भी दर्ज है जो शायद ही कोई भुला पाए- 1996 में उन्हें प्रधानमंत्री बनने का प्रस्ताव मिला था, जिसे उनकी पार्टी ने ठुकरा दिया और बसु ने इसे खुद “ऐतिहासिक भूल” करार दिया था।
ज्योति बसु, गौतम देब और प्रणब मुखर्जी
‘नैनो’ क्रांति जो सिंगूर-नंदीग्राम के संघर्षों में सिमट गई
साल 2000 में जब ज्योति बसु ने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ा, तो कमान बुद्धदेव भट्टाचार्य के हाथों में आई। बुद्धदेव ने वामपंथ की पुरानी लकीर से हटकर राज्य में आईटी सेक्टर और औद्योगिक निवेश लाने की पुरजोर कोशिश की। उन्होंने कोलकाता को टेक्नोलॉजी हब बनाने का सपना देखा, लेकिन यही विकास नीति उनकी सरकार के पतन का कारण बन गई।
साल 2006 में टाटा मोटर्स के नैनो प्रोजेक्ट के लिए सिंगूर में हुआ जमीन अधिग्रहण और 2007 में नंदीग्राम का केमिकल हब विवाद बंगाल की राजनीति के टर्निंग पॉइंट साबित हुए। पुलिस कार्रवाई में हुई मौतों और किसानों के भारी विरोध ने 34 साल पुराने वाम शासन की जड़ें हिला दीं, जिससे ममता बनर्जी के उदय का रास्ता साफ हो गया।
ममता बनर्जी का ‘परिवर्तन’ वाला दौर
2011 में जब ममता बनर्जी ने “परिवर्तन” का नारा दिया, तो उन्होंने न केवल वाम किलों को ढहाया, बल्कि लगातार तीन कार्यकाल जीतकर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली। कन्याश्री, सबूज साथी और दुआरे सरकार जैसी स्कीमों ने सीधे तौर पर महिलाओं और ग्रामीण तबके को लाभ पहुंचाया, जिससे उन्हें हर चुनाव में बंपर समर्थन मिला।
यह भी पढ़ें: बिहार, हरियाणा और ओडिशा में ‘सियासी खेला’ होने का डर, क्या आज बदल जाएंगे सारे समीकरण?
हालांकि, उनका यह सफर विवादों से अछूता नहीं रहा। शारदा चिटफंड घोटाला, शिक्षक भर्ती विवाद और राजनीतिक हिंसा के आरोपों ने विपक्ष को उनके खिलाफ हमलावर होने का मौका दिया। विशेष रूप से 2021 के बाद से भाजपा राज्य में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है, जिससे मुकाबला अब त्रिकोणीय से बढ़कर सीधा होता जा रहा है।
2026 की सियासी जंग: क्या इस बार बदलेगा तीन मुख्यमंत्रियों का रिकॉर्ड?
आज पश्चिम बंगाल की राजनीति के केंद्र में तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और वाम-कांग्रेस गठबंधन की त्रिमूर्ति खड़ी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि बंगाल में केवल तीन मुख्यमंत्रियों का होना वहां की मजबूत विचारधारा और करिश्माई नेतृत्व का नतीजा है। जहां एक तरफ ममता बनर्जी अपनी साख बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दल इस सालों पुराने तिलस्म को तोड़ने के लिए बेताब हैं।
West bengal politics history three chief ministers 1977 2026 analysis
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
मुंबई में 100 से अधिक शिक्षकों पर FIR, चुनावी ड्यूटी और पढ़ाई के बीच फंसे स्कूल
Jun 20, 2026 | 12:13 PMमध्य प्रदेश में मितव्ययिता की नई नीति, अफसरों की यात्राओं और खर्चों पर सरकार ने दिखाई सख्ती
Jun 20, 2026 | 12:12 PM‘अग्नि परीक्षा’, उद्धव के वफादार हो तो जीवित पिता का पिंडदान करो, सुषमा अंधारे की कृष्णा अष्टिकर को चुनौती
Jun 20, 2026 | 12:10 PMTrump Cuba Attack: क्यूबा पर हमले की चर्चा तेज, ट्रंप बोले- वहां की प्रॉपर्टी है शानदार
Jun 20, 2026 | 12:08 PMनागपुर एयरपोर्ट पर नए मैनेजमेंट से पहले बदलाव; स्टार एयर ने जारी किया नांदेड़-किशनगढ़ उड़ानों का नया टाइम-टेबल
Jun 20, 2026 | 12:07 PMFIFA World Cup: स्कॉटलैंड के खिलाफ खेलेंगे नेमार, ब्राजील के कोच एंसेलोटी ने की पुष्टि
Jun 20, 2026 | 12:04 PMपुणे के खराड़ी में गिरफ्तार ढोंगी बाबा राधामोहन का घिनौना कारनामा, ‘मन की रिपोर्ट’ से करता था ब्लैकमेल
Jun 20, 2026 | 12:00 PMवीडियो गैलरी

डेटा खपत में नंबर-1 बना भारत, हर महीने 36 GB तक इंटरनेट उड़ा रहे हैं भारतीय; 5G नेटवर्क ने बदली तस्वीर-VIDEO
Jun 19, 2026 | 11:14 PM
क्या NEET पेपर लीक रोकने के लिए सरकार का फैसला सही था! हाईकोर्ट ने क्या कहा?
Jun 19, 2026 | 04:37 PM
लद्दाख में खड़े बाइकर्स के उड़े होश! भारत में रहकर चीन के टाइम जोन से कनेक्ट हुआ मोबाइल फोन, Video Viral
Jun 19, 2026 | 01:07 PM
यकीन नहीं होता, लेकिन यह सच है! लद्दाख में मौजूद फोन में दिखने लगा चीन का टाइम जोन, वीडियो देख रह जाएंगे दंग
Jun 18, 2026 | 11:09 PM
गर्लफ्रेंड से बात नहीं हुई तो टावर पर चढ़ा प्रेमी, 3 घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा, देखें VIDEO
Jun 18, 2026 | 10:27 PM
सपा में होने वाली है बड़ी बगावत? ओमप्रकाश राजभर के दावे से मची हलचल, देखें VIDEO
Jun 18, 2026 | 10:18 PM














