बंगाल में स्वतंत्रता दिवस पर ISI मॉड्यूल का भंडाफोड़, सिम कार्ड और जाली नोटों के जरिए रची जा रही थी बड़ी साजिश

ISI Network Busted: STF ने कूचबिहार से ISI मॉड्यूल के 3 संदिग्धों को गिरफ्तार किया। आरोपी बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान को सिम कार्ड और जाली नोट भेजते थे।
West Bengal STF officers with seized fake currency and SIM cards after busting an ISI terror module in Coochbehar.
सांकेतिक फोटो सोर्स- AI
Updated on

ISI Terror Module Busted In West Bengal: जहां एक ओर पूरा देश 80वें स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा था, वहीं दूसरी ओर पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। शनिवार, 15 अगस्त 2026 को एसटीएफ ने कूचबिहार जिले के साहेबगंज इलाके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप है।

जश्न के बीच पकड़े गए देश के दुश्मन

खुफिया जानकारी के आधार पर एसटीएफ की टीम ने शनिवार तड़के कूचबिहार के साहेबगंज इलाके में छापेमारी की। पुलिस को इन संदिग्धों के बारे में पुख्ता जानकारी मिली थी कि ये लोग सीमा पार बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहे हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के कब्जे से कई भारतीय सिम कार्ड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि ये आरोपी इन सिम कार्ड्स को अवैध रूप से बांग्लादेश के रास्ते पाकिस्तान भेजते थे, जिनका इस्तेमाल संभवतः आतंकी गतिविधियों या जासूसी के लिए किया जाना था।

कौन हैं ये संदिग्ध?

एसटीएफ के पुलिस अधीक्षक (उत्तर बंगाल), वाई. रघुवंशी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राशिदुल और नसीरुद्दीन के रूप में हुई है, जो कूचबिहार के दिनहाटा-II ब्लॉक के साहेबगंज के रहने वाले हैं। वहीं, तीसरा आरोपी सफीकुल, बिहार के किशनगंज जिले का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस को संदेह है कि इनमें से एक आरोपी पाकिस्तानी नागरिक हो सकता है, जिसकी पुष्टि के लिए गहन जांच जारी है।

कैसे काम करता था यह नेटवर्क?

यह केवल जासूसी का मामला नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाने की भी एक बड़ी साजिश है। जांच में पता चला है कि ये तीनों आरोपी पिछले कुछ वर्षों से जाली भारतीय मुद्रा (FICN) का रैकेट भी चला रहे थे। आरोपी भारतीय सिम कार्ड हासिल करते थे और उन्हें सुरक्षित तरीके से सीमा पार पहुंचाते थे ताकि पाकिस्तान में बैठे उनके संपर्ककर्ता भारतीय पहचान का उपयोग कर सुरक्षित संचार कर सकें।

West Bengal STF officers with seized fake currency and SIM cards after busting an ISI terror module in Coochbehar.
दिमागी नक्सल पर सियासी घमासान, पीएम मोदी के बयान पर चिदंबरम का तीखा पलटवार

बेंगलुरु से बोनगांव तक फैला है जाल

यह गिरफ्तारी बंगाल में पिछले कुछ दिनों में हुई अन्य गिरफ्तारियों की कड़ी के रूप में देखी जा रही है। महज तीन दिन पहले, एसटीएफ ने उत्तर 24 परगना के बोनगांव से एक पाकिस्तानी नागरिक राणा रऊफ सहित दो लोगों को रेलवे और सेना की जासूसी करने के आरोप में पकड़ा था। इसी तरह, बेंगलुरु पुलिस ने भी उत्तर 24 परगना के ही रहने वाले असाफुल मल्लिक को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर अफगानिस्तान स्थित आतंकी संगठन TTP से ट्रेनिंग लेकर पाकिस्तान सेना को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।

West Bengal STF officers with seized fake currency and SIM cards after busting an ISI terror module in Coochbehar.
भवानीसागर बांध से LBP नहर में छोड़ा गया पानी, इरोड के किसानों की सूखती फसलों को मिली राहत

अदालत ने भेजा रिमांड पर

शनिवार को ही पुलिस ने तीनों आरोपियों को दिनहाटा अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। अब एसटीएफ की टीम इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये लोग कब से इस धंधे में शामिल थे और इनके साथ और कौन-कौन से स्थानीय लोग जुड़े हुए हैं। हालांकि अब तक इन तीनों का सीधा संबंध पहले गिरफ्तार किए गए अन्य संदिग्धों से नहीं मिला है, लेकिन पुलिस हर संभावित लिंक को खंगाल रही है।

Navbharat Live
navbharatlive.com