

Vande Mataram Mandatory In Bengal Schools: पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसदों पर कथित हमलों के बाद से विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर हमलावर है। इस बीच मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने वंदे मातरम पर फिर से बयान दिया है। इससे राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
इसके अलावा उन्होंने 26 जनवरी और 15 अगस्त के सम्मान की भी बात कही। वंदे मातरम को अनिवार्य किए जाने को लेकर इस समय देशभर में जमकर विवाद हो रहा है। सोमवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी वंदे मातरम पर केंद्र सरकार के रवैये पर निशाना साधा था।
मीडिया से बात करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि अगर आप इस देश में रहना चाहते हैं, तो आपको वंदे मातरम और जन गण मन बोलना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 26 जनवरी और 15 अगस्त का सम्मान करना होगा। आगे उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर स्कूल में 'वंदे मातरम' का गायन अनिवार्य कर दिया गया है।
सीएम सुवेंदु ने इसे भारतीय संस्कृति बताया और कहा कि यह सनातन संस्कृति है। हमाला देश 'हिंदुस्तान' और 'इंडिया' दोनों नामों से जाना जाता है। भारत देश किसी और के हाथों में नहीं जा सकता।
भाजपा द्वारा देशभर में वंदे मातरम अनिवार्य किए जाने को लेकर सोमवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि आधिकारिक कार्यक्रमों की शुरुआत और अंत में अनिवार्य रूप से वंदे मातरम के सभी पांच पदों को गाने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि केंद्र सरकार का यह फैसला कि अनावश्यक रूप से थोपा गया नियम है। 'वंदे मातरम' हमारा राष्ट्रगीत है, जिसके सम्मान में हम सभी खड़े होते हैं।
पश्चिम बंगाल की नई बीजेपी सरकार ने हाल ही में राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में वंदे मातरम गीत गाने को अनिवार्य कर दिया था। सरकार के आदेश के बाद शिक्षा विभाग ने एक आधिकारिक निर्देश जारी किया और कहा कि राज्य के सभी स्कूलों में सुबह प्रार्थना सभा में राष्ट्रीय गीत गाना अनिवार्य है।
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी स्कूल को सख्ती से यह निर्देश के पालन करने को कहा था। सरकार के इस फैसले का प्रदेशभर में खूब विरोध हुआ था।