

West Bengal Assembly Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 इस बार दो चरणों में कराया जा रहा है। पहले चरण के चुनाव में अब पांच दिन रह गए हैं। इस बार के चुनाव में चुनाव आयोग ने मतदाता पर्ची को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत वोटिंग से बीएलओ को घर-घर मतदाता पर्चियां जाकर देने का निर्देश दिया गया है।
यह प्रक्रिया मतदान से पांच दिन पहले हर हाल में पूरी करनी है। पहले चरण में होने वाले चुनाव में अब 5 दिन शेष हैं। ऐसे में मतदाताओं के लिए आज का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चुनाव आयोग के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य मतदाताओं को परेशानियों से बचाना है। BLO द्वारा घर-घर मतदाता पर्ची पहुंचाने से मतदाताओं के सत्यापित में आसानी होगी। साथ ही मतदाता को भटकना नहीं पड़ेगा और चुनाव वाले दिन होने वाली समस्या से छुटकारा मिलेगा।
अक्सर चुनाव के दौरान राजनीतिक दल के प्रतिनिधि द्वारा मतदाताओं को डराने धमकाने का प्रयास किया जाता है। चुनाव आयोग ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से घर-घर BLO को भेजने का निर्णय लिया है। आपको बता दें कि इस बार चुनाव आयोग मतदाता पर्चियों के वितरण को लेकर सख्त है, जिससे कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से संपन्न कराई जा सके। चुनाव आयोग द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार, मतदाता पर्ची केवल पंजीकृत मतदाता या परिवार के वयस्क सदस्य को ही दिया जाएगा। इस दौरान पूरी निष्पक्षता बनाए रखना अनिवार्य है।
BLO द्वारा मतदाता के घर जाने पर अगर वहां मतदाता या कोई सदस्य नहीं मिलता है, तो इसका असर मतदाता के अधिकार पर नहीं पड़ेगा। ऐसी स्थिति में मतदाता सीधे बीएलओ से संपर्क करके अपनी मतदाता पर्ची ले सकता है। इसके अलावा चुनाव वाले दिन सीधे बूथ पर जाकर वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक कराएं। इसके बाद वोट डाल सकते हैं। इसके अतिरिक्त मतदाता ऑनलाइन माध्यमों जैसे- चुनाव आयोग की वेबसाइट और बूथ हेल्प डेस्क के जरिए भी जानकारी ले सकता है।
इस बीच टीएमसी प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को चुनाव के दौरान सतर्क रहने का निर्देश दिया। साथ ही चुनाव आयोग और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि 4 मई को काउंटिंग वाले दिन असंतोष पैदा करने और भड़काने के लिए स्लो काउंटिंग जैसे तरीके अपना सकती है। इससे कार्यकर्ताओं को बचना चाहिए। उन्होंने वोटों की अंतिम गिनती होने तक कार्यकर्ताओं को मतगणना केंद्र न छोड़ने का भी निर्देश दिया।
सीएम ममता बनर्जी ने अपने कार्यकर्ताओं को वोटिंग के बाद ईवीएम की निगरानी का निर्देश दिया। इस दौरान ममता ने विधानसभा चुनाव को राजनीतिक युद्ध करार दिया। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से विपक्षी दलों से सावधान रहने को भी बोला।