अलगाववादी शब्बीर शाह पर NIA ने कसा शिकंजा, जम्मू कोर्ट ने दी रिमांड की मंजूरी; जानें पूरा मामला

Jammu News: शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के बाद NIA को शाह की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली थी। इसके बाद NIA ने शाह को जम्मू कोर्ट में पेश किया। अब यहां दो सप्ताह की रिमांड मिल गई।
NIA Tightens the Noose Around Separatist Shabbir Shah; Jammu Court Grants Remand Approval—Know the Full Story
शब्बीर शाह (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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NIA Remand Shabir Shah: जम्मू कश्मीर के प्रमुख अलगाववादी नेता शब्बीर शाह को जम्मू कोर्ट ने दो हफ्ते की रिमांड की मंजूरी दे दी। आज सुबह जम्मू कोर्ट में उन्हें NIA ने पेश किया था। रिमांड मिलने के बाद NIA ने शब्बीर शाह को न्यायिक हिरासत से गिरफ्तार कर लिया। शब्बीर शाह की यह गिरफ्तारी 17 जुलाई, 1996 के एक मामले में हुई है। इससे पहले शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के बाद NIA को शाह की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली थी। इसके बाद NIA ने शाह को जम्मू कोर्ट में पेश किया। अब यहां दो सप्ताह की रिमांड मिल गई। इस बीच परिवार के लोगों ने शाह की गिरफ्तारी की पुष्टि की है साथ ही यह भी बताया कि घटना के बाद शब्बीर से बात नहीं हो पाई है।

पहले जमानत फिर गिरफ्तारी

शब्बीर शाह को 12 मार्च, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने एक अन्य NIA केस में जमानत दी थी। इसके बाद 28 मार्च, 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में शाह को जमानत मिली थी। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने 12 मार्च को टेरर फंडिंग के केस में जमानत दी थी। इस केस में 4 जून, 2019 को NIA ने शाह को गिरफ्तार किया था। हालांकि, 4 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने इस केस में शाह को अंतरिम जमानत देने से इंकार कर दिया था।

देश विरोधी गतिविधियों के आरोप

शब्बीर शाह पर देश विरोधी गतिविधियों के आरोप हैं। इसके पहले हाईकोर्ट ने गैर-कानूनी काम करने और गवाहों को प्रभावित करने की संभावना जताते हुए जमानत देने से मना कर दिया था। शाह पर जम्मू कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियों को बढावा देने का आरोप है। साथ ही आम लोगों को जम्मू-कश्मीर से अलगाववादी नारे लगाने के लिए उकसाने, घाटी में मारे गए आतंकियों को शहीद के रूप में श्रद्धांजलि देने, हवाला के जरिए पैसे लेने और LoC पार गतिविधियों में शामिल रहने के आरोप हैं।

अलगाववादी गतिविधियों का इतिहास

कश्मीर में 90 के दशक से अलगाववादी गतिविधियां तेजी फैली। पाकिस्तान समर्थित अलगाववादी गतिविधियां और आतंकवाद ने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती दे रहे थे। इसके बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन रक्षक के साथ UAPA जैसे कानूनो के माध्यम से अलगाववादी गुटों, और आतंकियों पर नकेल कसा।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने और केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद से घाटी में अलगाववादी गुट अब अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है।

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