बंगाल में एक नहीं दो-दो हुमायूं कबीर हैं…एक ने मांगा बाबरी के लिए चंदा तो दूसरे को आने लगा फोन कॉल
Humayun Kabir News: पश्चिम बंगाल में हुमायूं कबीर नाम के दो विधायक होने से गजब की स्थिति हो गई है। अभी बाबरी मस्जिद बनवाने वाले भरतपुर वाले हुमायूं कबीर ने चंदा मांगा है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
बंगाल में एक नहीं दो-दो हुमायूं कबीर हैं...एक ने मांगा बाबरी के लिए चंदा तो दूसरे को आने लगा फोन कॉल
West Berngal News: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और पश्चिम मेदिनीपुर (डेबरा) के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) विधायक हुमायूं कबीर के नाम की समानता ने एक दिलचस्प लेकिन परेशान करने वाली स्थिति उत्पन्न कर दी है। दरअसल, 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद के भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की नींव रखी और देश के मुस्लिम समाज से चंदा देने की अपील की। इसके बाद, पश्चिम बंगाल समेत देश के अन्य हिस्सों और यहां तक कि विदेशों से भी लोगों ने बाबरी मस्जिद के लिए चंदा देने की इच्छा जताई।
लेकिन समस्या यह हुई कि वही नाम होने के कारण डेबरा के विधायक हुमायूं कबीर को लगातार फोन आने लगे। डेबरा वाले हुमायूं कबीर पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं, जो 2021 में राजनीति में आए थे और ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री भी रहे थे। लोग, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए चंदा भेजने की इच्छा जताई थी, उन्हें मुर्शिदाबाद वाले हुमायूं कबीर समझकर उनके पास फोन करने लगे थे।
नाम की समानता ने खड़ी की उलझन
डेबरा विधायक हुमायूं कबीर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि उनके पास एक ही नाम होने के कारण चंदा देने के इच्छुक लोगों ने उन्हें 200 से अधिक बार फोन किया। यह कॉल्स केवल पश्चिम बंगाल से नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मुंबई, हरियाणा, राजस्थान और यहां तक कि विदेशों से भी आईं। लोग बार-बार उनसे QR कोड मांग रहे थे, ताकि वे बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए दान दे सकें।
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चंदे के लिए कॉल्स का बढ़ता दबाव
डेबरा विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि यह स्थिति उनके लिए थोड़ी अजीब हो गई थी, लेकिन वे इस पर नाराज नहीं थे। उन्होंने शांति से और विनम्रता से कॉल करने वालों को यह समझाया कि वह वही हुमायूं कबीर नहीं हैं जो मस्जिद का निर्माण कर रहे हैं। इसके बजाय, उन्होंने लोगों को सही नंबर और संपर्क जानकारी देने का प्रयास किया। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर भी पोस्ट लिखकर इस भ्रम को स्पष्ट किया कि “मंदिर और मस्जिद राजनीति के अखाड़े नहीं, बल्कि प्रार्थना और पूजा के स्थान हैं।”
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टीएमसी विधायक की मुसीबत और सफाई
डेबरा विधायक हुमायूं कबीर ने कहा कि इस उलझन के बावजूद वे परेशान नहीं हैं, क्योंकि नाम की समानता से किसी को भी ग़लतफ़हमी हो सकती है। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह मुर्शिदाबाद वाले हुमायूं कबीर नहीं हैं, जिन्होंने बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए चंदे की अपील की थी। उन्होंने कई बार फोन करने वालों को सही जानकारी देने की कोशिश की है।
