

TMC Leader Jahangir Khan Calcutta High Court: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान वोटरों को डराने धमकाने के मामले में TMC नेता जहांगीर खान की आज कलकत्ता हाईकोर्ट में अहम सुनवाई है। मामले की सुनवाई जस्टिस सौगत भट्टाचार्य करेंगे। 29 अप्रैल को दूसरे चरण के दौरान टीएमसी नेता पर मतदाताओं को डराने-धमकाने के आरोप में FIR दर्ज किया गया था।
मामले में सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 18 मई को अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली थी। अदालत द्वारा दी गई यह राहत आज समाप्त हो रही है। ऐसे में सभी की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आगे उन्हें राहत मिलती है या नहीं।
बता दें, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव, 2026 दो चरणों में संपन्न हुआ था। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को हुआ। टीएमसी नेता पर आरोप है कि मतदान से पहले और मतदान वाले दिन उन्होंने मतदाताओं को धमकाया था। इसके आरोप में उनपर कई FIR भी दर्ज की गई थीं। गिरफ्तारी से बचने के लिए जहांगीर ने 18 मई को कलकत्ता हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
जस्टिस भट्टाचार्य ने उसी दिन मामले की सुनवाई करते हुए 24 मई तक गिरफ्तारी समेत किसी भी कठोर पुलिस कार्रवाई से अंतरिम राहत दी थी। मामले की अगली सुनवाई अदालत ने 26 मई यानी आज तय की थी। यह मामला अदालत के पहले सत्र के अंत में या दूसरे सत्र की शुरुआत में सुना जा सकता है। आज का दिन जहांगीर के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
29 अप्रैल को हुए दूसरे चरण की वोटिंग में गड़बड़ी के आरोप के बाद पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया गया था। पुनर्मतदान की तारीख 21 मई तय की गई थी, लेकिन चुनाव से ऐन वक्त पहले ही टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनावी मुकाबले से हटने का एलान कर दिया था।
इस दौरान उन्होंने कहा था कि सीएम सुवेंदु अधिकारी के फल्टा उपचुनाव के लिए घोषित विशेष विकास पैकेज करते हैं और मुकाबले से पीछे हट गए। हालांकि, जहांगीर का यह फैसला प्रतीकात्मक ही रहा, क्योंकि पुनर्मतदान के दौरान जहांगीर का नाम EVM पर मौजूद था। वे आधिकारिक तौर पर टीएमसी के उम्मीदवार बने रहे।
21 मई को होने वाले पुनर्मतदान के नतीजे 24 मई को घोषित किए गए। चुनाव नतीजों में BJP उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने एक लाख से ज्यादा के वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। दूसरे स्थान पर CPM उम्मीदवार शंभूनाथ कुर्मी। वहीं, TMC उम्मीदवार जहांगीर खान चौथे स्थान पर खिसक गए।