

TMC Candidate Jahangir Khan Refuses to Contest: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद ममता बनर्जी को फिर एक बड़ा झटका लगा है। दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले मतदान से पहले टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। वोटिंह से ठीक दो दिन पहले उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया है।
गौरतलब है कि हाल में संपन्न हुए विधासभा चुनाव के दूसरे चरण में यहां 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। हालांकि, चुनाव में धांधली और गड़बड़ के आरोप लगने के बाद इलेक्शन कमीशन ने इस सीट पर हई वोटिंग को रद्द कर दिया था। जिसके बाद अब 21 मई को यहां वोटिंग होनी है और 24 मई को मतगणना किया जाना है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच जहांगीर खान 'पुष्पा' फिल्म के डायलॉग को लेकर चर्चाओं में आए थे। उन्होंने कहा था- 'पुष्पा झुकेगा नहीं साला' चुनाव प्रचार के दौरान उनका ये अंदाज काफी वायरल हुआ था। उनके अंदाज को देखकर ऐसा नहीं लगता था कि वोटिंग से महज दो दिन पहले वो अचानक चुनावी मैदान से पीछे हट जाएंगे।। जहांगीर खान के इस फैसले ने न सिर्फ टीएमसी को हैरान किया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी उन्हें ट्रोल किया जा रहा है कि 'पुष्पा' के तेवर इतनी जल्दी कैसे ढीले पड़ गए।
जहांगीर खान ने यह याचिका मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की ओर से दी गई चेतावनी के बाद दायर की थी। हाल ही में जहांगीर खान पर निशाना साधते हुए सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें कुख्यात अपराधी करार दिया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि 2019 के चुनाव बाद हुई हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्य के 19 सबसे कुख्यात अपराधियों की सूची जारी की थी। सुवेंदु अधिकारी ने आगे कहा था कि भतीजे (अभिषेक बनर्जी) के संरक्षण में पलने वाला यह जहांगीर खान उसी सूची में शामिल था। अब इस तथाकथित ‘पुष्पा’ को मेरे भरोसे छोड़ दीजिए, जो अब कहीं दिखाई भी नहीं दे रहा है। वह अब मेरी जिम्मेदारी है और मैं खुद उसका मामला देखूंगा।
बता दें कि सोमवार (18 मई, 2026) को कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिक दायर करते हुए जहांगीर खान ने बंगाल पुलिस की ओर से किसी भी तरह की दमनकारी कार्रवाई से सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके खिलाफ बार-बार आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं। कोर्ट के सामने जहांगीर के वकील ने कहा कि हर रोज उन पर नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, उनके मुवक्किल के पास कानूनी उपाय अपनाने का अधिकार है, लेकिन उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर का खुलासा किया जाना चाहिए।
फाल्टा विधानसभा सीट के लिए दूसरे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। हालांकि, उस दौरान विधानसभा क्षेत्र के कई बूथों में धांधली की शिकायतें मिली थीं। बीजेपी उम्मीदवार के नाम और चुनाव चिह्नों के बगल वाले ईवीएम बटन पर सफेद टेप लगा दिया गया था। इसके बाद, विशेष चुनाव पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने खुद फाल्टा का दौरा किया और इस मामले की गहन जांच की। उनकी जांच रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने फाल्टा सीट पर दोबारा वोटिंग का आदेश दिया।