

Rashid Kidwai On Mamata Banerjee: वरिष्ठ पत्रकार राशिद किदवई ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा बयान दिया है। विधानसभा चुनाव में बंगालकी सत्ता से बाहर होने के बाद ममता की पार्टी में लगातार बड़े नेता पार्टी छोड़कर जा रहे हैं, अलग गुट बना रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि उन्हें दीदी से कोई समस्या नहीं है, उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी से समस्या है।
भतीजे पर उठ रहे सवालों पर अभी तक ममता बनर्जी ने खुलकर कोई बात नहीं की है। इसके अलावा उन्होंने पार्टी से बगावत करने वाले नेताओ को मनाने की कोशिश भी नहीं की। ऐसे में यह माना जा रहा है कि दीदी पूरी तरह से भतीजे के समर्थन में हैं।
नीरजा चौधरी के साथ ANI के पॉडकास्ट में वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई ने ममता बनर्जी को सलाह देते हुए कहा कि उनको मायावती से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के जैसे ही ममता भी भतीजे के समर्थन में खड़ी हैं। रशीद के अनुसार, मायावती के भतीजे पर जब-जब सवाल उठे, उन्होंने तुरंत आकाश आनंद को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया। ममता भी ऐसा कर सकती थीं, लेकिन उन्होंने चुप्पी साधे रखी। यहां ममता बनर्जी से चूक हुई है।
पॉडकास्ट के दौरान वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई ने ममता बनर्जी की तुलना 1977 के दौरान इंदिरा गांधी से की है। उन्होंने बताया कि1977 में भी जब इंदिरा गांधी को बुरी तरह हार मिली थी, उस समय भी बड़ी संख्या में नेताओ ने पार्टी छोड़ी थी। अंबिका सोनी समेत कई नेताओं ने बेटे संजय गांधी पर सवाल उठाया था। ठीक वही हालत अब ममता बनर्जी की है। टीएमसी के नेता भी भतीजे पर सवाल उठाते हुए पार्टी से बगावत कर रहे हैं। ज्यादातर बागी नेताओं का स्पष्ट कहना है कि उनको समस्या केवल भतीजे अभिषेक से है।
पार्टी निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी के विधायक दल में टूट के बाद सांसद काकोली घोष के नेतृत्व में पार्टी के संसदीय दल में भी बगावत हो गई। विधायकों और सांसदों के बगावत के बाद पार्टी में अब हालात ऐसे बन गए हैं कि टीएमसी के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। ममता से बगावत करने वाले ज्यादातर नेताओं ने ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।